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Rajasthan High Court: बच्चों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं; असुरक्षित स्कूल भवनों को 1 जुलाई से बंद करने का अल्टीमेटम

जयपुर: Rajasthan High Court: बच्चों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं; असुरक्षित स्कूल भवनों को 1 जुलाई से बंद करने का अल्टीमेटम, राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों की बदहाल स्थिति और जर्जर भवनों को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। स्कूलों की मरम्मत में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में बजट की कमी का बहाना बिल्कुल नहीं चलेगा।

1 जुलाई से स्कूल बंद करने की दी चेतावनी

Rajasthan High Court:सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति महेंद्र कुमार गोयल और न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि स्कूल भवन सुरक्षित नहीं हैं, तो उन्हें 1 जुलाई से संचालित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि जर्जर इमारतों में कक्षाएं लगाना मासूमों की जान को जोखिम में डालना है।

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छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश

Rajasthan High Court:अदालत ने प्री-प्राइमरी (Pre-Primary) के छोटे बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि छोटे बच्चों की कक्षाएं अनिवार्य रूप से केवल भूतल (Ground Floor) पर ही संचालित होनी चाहिए। इन बच्चों को न तो बेसमेंट में बिठाया जाए और न ही इमारत की ऊपरी मंजिलों पर, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।

मरम्मत कार्य की कछुआ चाल पर भड़का कोर्ट

Rajasthan High Court:झालावाड़ स्कूल हादसे पर लिए गए सुओ मोटो (स्वप्रेरणा) संज्ञान और अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि स्कूल भवनों के निर्माण का कार्य बेहद सुस्त है।

  • प्रदेश में 3700 स्कूलों के लिए नए भवनों की आवश्यकता थी।

  • इनमें से केवल 114 को ही प्रशासनिक स्वीकृति मिली।

  • हैरानी की बात यह है कि अब तक केवल 5 भवनों का काम ही प्लिंथ लेवल (नींव स्तर) तक पहुंच पाया है।
    बाकी प्रोजेक्ट्स अभी भी केवल कागजी औपचारिकताओं और टेंडर प्रक्रिया में ही उलझे हुए हैं।

क्या चार्टर्ड इंजीनियरों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी?

Rajasthan High Court:कोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि क्यों न स्कूल भवनों के निरीक्षण के लिए चार्टर्ड इंजीनियर (Chartered Engineers) नियुक्त कर दिए जाएं? कोर्ट ने कहा कि 1 जुलाई से केवल उन्हीं स्कूलों को चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए जिन्हें ये इंजीनियर ‘सुरक्षित’ होने का सर्टिफिकेट प्रदान करें।

बजट की कमी का बहाना नहीं चलेगा

Rajasthan High Court:जब सरकार की ओर से बजट की कमी का मुद्दा उठाया गया, तो खंडपीठ ने सख्त लहजे में कहा कि यह सरकार की आंतरिक समस्या है। अदालत के आदेशों की पालना हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए। केंद्र सरकार ने भी अदालत को सूचित किया कि राज्य सरकार द्वारा मांगे गए बजट के संबंध में अभी तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

प्रवासियों से मिला 11 करोड़ का सहयोग

Rajasthan High Court:सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि राज्य सरकार ने स्कूल भवनों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए प्रवासियों (NRIs) से मदद की अपील की थी। इस मुहिम के तहत अब तक लगभग 11 करोड़ रुपये का सहयोग प्राप्त हुआ है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह स्कूल भवनों की मरम्मत और सुरक्षा योजना पर एक विस्तृत शपथ पत्र पेश करें।

Pooja Chandrakar

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