PDS System Fail: छत्तीसगढ़ में गरीबों के राशन पर संकट! महीनेभर लेट पहुंच रहा चावल, नवंबर का कोटा भी अधूरा
PDS Scam in CG: कोरबा के पचरा पंचायत में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 163 क्विंटल की जगह पहुंचा सिर्फ 150 क्विंटल अनाज, प्रशासन बेसुध।

कोरबा: छत्तीसगढ़ सरकार भले ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को दुरुस्त रखने का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कोरबा (Korba) जिले के ग्रामीण अंचलों में गरीबों के हक के राशन में भारी अनियमितता सामने आई है। ताज़ा मामला पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पचरा (Pachra) का है, जहां पीडीएस की बदइंतजामी के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। यहाँ न तो समय पर चावल पहुंच रहा है और न ही पूरा कोटा मिल पा रहा है।
महीनेभर की देरी से चल रहा सिस्टम
नियमों के मुताबिक, जिस महीने का राशन है, वह उसी माह की शुरुआत में पीडीएस दुकानों तक पहुंच जाना चाहिए। लेकिन पचरा पंचायत में सिस्टम पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ चावल हमेशा ‘लैप्स’ होकर यानी एक महीने की देरी से पहुंच रहा है।छत्तीसगढ़ में गरीबों के राशन पर संकट! महीनेभर लेट पहुंच रहा चावल
सितंबर माह का चावल हितग्राहियों को अक्टूबर में मिला।
अक्टूबर का वितरण नवंबर में दिखाया गया।
अब नवंबर का चावल भी पूरा नहीं आने से संकट गहरा गया है।
आबंटन 163 क्विंटल, पहुंचा सिर्फ 150
अनियमितता केवल देरी तक सीमित नहीं है, बल्कि मात्रा में भी बड़ा खेल हो रहा है। पचरा पंचायत के लिए शासन द्वारा 163 क्विंटल चावल का मासिक आबंटन निर्धारित है।छत्तीसगढ़ में गरीबों के राशन पर संकट! महीनेभर लेट पहुंच रहा चावल
अक्टूबर की स्थिति: केवल 100 क्विंटल चावल भेजा गया।
नवंबर की स्थिति: इस महीने भी आबंटन के विरुद्ध केवल 150 क्विंटल चावल ही दुकान तक पहुंचा है।
स्टॉक कम होने के कारण राशन वितरक सभी कार्डधारियों को चावल देने में असमर्थ हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
फूड इंस्पेक्टर और नान (NAN) गोदाम पर सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पंचायत में जो स्टॉक अभी पहुंचा है, वह नवंबर का नहीं बल्कि अक्टूबर माह का बचा हुआ पुराना स्टॉक है। चूंकि नान (NAN) गोदाम से खाद्यान्न का उठाव और परिवहन फूड इंस्पेक्टर की निगरानी में होता है, ऐसे में लगातार कम राशन पहुंचना अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध बनाता है।छत्तीसगढ़ में गरीबों के राशन पर संकट! महीनेभर लेट पहुंच रहा चावल
ग्रामीणों की मांग: जांच और कार्रवाई हो
राशन न मिलने से परेशान ग्रामीणों ने अब मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि सरकार और जिला प्रशासन इस लापरवाही पर ध्यान दे। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि गरीबों का राशन उन तक समय पर और पूरा पहुंचे। साथ ही, कोताही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।छत्तीसगढ़ में गरीबों के राशन पर संकट! महीनेभर लेट पहुंच रहा चावल



















