
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर पाकिस्तानी झंडे का प्रतीक और हैकिंग संदेश दिखा। साइबर सेल और पुलिस जांच कर रही है।
रायगढ़ नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट हैक होने का मामला सामने आया है। वेबसाइट खोलने पर सामान्य जानकारी की जगह पाकिस्तानी झंडे का प्रतीक और “Hacked by Over Threes 1337” लिखा संदेश दिखाई दिया।

जानकारी मिलने के बाद निगम प्रबंधन ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। साइबर विशेषज्ञों की मदद से संदिग्ध सामग्री हटा दी गई है। पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच कर रहे हैं।
अभी यह साफ नहीं है कि वेबसाइट में यह बदलाव किसने और किस तरीके से किया। किसी हैकर या साइबर समूह की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है।

रायगढ़ नगर निगम की वेबसाइट पर क्या दिखा?
वेबसाइट पर नगर निगम की सामान्य जानकारी की जगह पाकिस्तान के झंडे का प्रतीक नजर आया। स्क्रीन पर हैकर का संदेश भी लिखा था:
- संदेश में “Hacked by Over Threes 1337” दर्ज था
- पाकिस्तानी झंडे का प्रतीक दिखाई दिया
- सरकारी वेबसाइट की मूल सामग्री की जगह यह सामग्री सामने आई
यह नाम किसी असली व्यक्ति या समूह का है, या सिर्फ दिखावे के लिए इस्तेमाल हुआ है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

शिकायत के बाद क्या कार्रवाई हुई?
मामला सामने आते ही निगम प्रशासन सक्रिय हुआ और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। वेबसाइट की जांच और संदिग्ध सामग्री हटाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली गई।
उनकी मदद से पाकिस्तानी झंडे का प्रतीक और हैकिंग संदेश वेबसाइट से हटा दिया गया है।
जांच में अभी क्या सामने आया है?
सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। जांच में इन बातों का पता लगाने की कोशिश है:
- वेबसाइट में अनधिकृत बदलाव कैसे हुआ
- इसके पीछे कौन शामिल है
- तकनीकी साक्ष्य क्या कहते हैं
अब तक यह जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है कि बदलाव किसने किया और किस तरीके से किया गया।
सरकारी वेबसाइट की सुरक्षा क्यों अहम है?
नगर निगम की वेबसाइट पर आम लोगों के लिए सेवाओं और सूचनाओं से जुड़ी जानकारी रहती है। ऐसे में इसका बदला जाना सुरक्षा और भरोसे दोनों के लिहाज से गंभीर माना जाता है। हालांकि इस मामले में किसी डेटा के लीक होने या नुकसान की कोई जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा?
जांच पूरी होने पर ही साफ हो पाएगा कि वेबसाइट में सेंध कैसे लगी और जिम्मेदार कौन है। तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।









