बिना उपस्थिति वेतन भुगतान घोटाला: कोरबा शिक्षा विभाग में लापरवाही से मचा हड़कंप

कोरबा: शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का नया मामला, बिना उपस्थिति के मिला वेतन
कोरबा। जिले के शिक्षा विभाग में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले में शिक्षा विभाग व्यापक भ्रष्टाचार का गढ़ बनता जा रहा है, जहां बिना उपस्थिति के भी वेतन जारी कर दिया गया। जांच के बाद पाया गया कि मई 2023 से जून 2024 तक एक शिक्षक को नियमित वेतन मिलता रहा, जबकि उनका उपस्थिति पत्रक अनुपलब्ध था। इस मुद्दे पर कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। बिना उपस्थिति वेतन भुगतान घोटाला: कोरबा शिक्षा विभाग में लापरवाही से मचा हड़कंप
शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी, लेन-देन से लेकर नियुक्ति में गड़बड़ी
कोरबा जिले के शिक्षा विभाग में लेन-देन, नियुक्तियों, और सामानों की खरीदी में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप पहले से ही लगे हुए हैं। समग्र शिक्षा और आत्मानंद स्कूलों के उन्नयन के नाम पर बड़े पैमाने पर घोटाला होने की बातें सामने आई हैं। अब, बिना उपस्थिति के वेतन जारी करने के मामले ने इस भ्रष्टाचार को और गहरा कर दिया है। बिना उपस्थिति वेतन भुगतान घोटाला: कोरबा शिक्षा विभाग में लापरवाही से मचा हड़कंप
बिना उपस्थिति वेतन आहरण का आदेश, अब होगी वसूली
मामले की जांच के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी किया कि दोषी शिक्षक भरत लाल कुर्रे से मई 2023 से जून 2024 तक का वेतन समान मासिक किस्तों में वसूला जाएगा। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित अधिकारी ने उपस्थिति पत्रक की अनदेखी की और विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी से भी जानकारी नहीं ली गई। बिना उपस्थिति वेतन भुगतान घोटाला: कोरबा शिक्षा विभाग में लापरवाही से मचा हड़कंप
शिक्षा विभाग में पारदर्शिता का अभाव, अब होगी कठोर कार्रवाई
यह मामला उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सामने आया, जहां माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आदेश जारी कर दोषी शिक्षकों को लेकर जांच के आदेश दिए। शिक्षा विभाग की लापरवाही ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता की कमी के चलते भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। बिना उपस्थिति वेतन भुगतान घोटाला: कोरबा शिक्षा विभाग में लापरवाही से मचा हड़कंप
शिक्षा विभाग में सुधार की आवश्यकता, जनता की मांग – सख्त कदम उठाए जाएं
इस तरह के मामलों ने शिक्षा विभाग की छवि को धूमिल कर दिया है और जनता की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। इस घोटाले की सच्चाई सामने आने के बाद, लोगों ने विभाग में सुधार की मांग की है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। बिना उपस्थिति वेतन भुगतान घोटाला: कोरबा शिक्षा विभाग में लापरवाही से मचा हड़कंप



















