SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप: खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की बिजली काटी, मानवता पर उठे सवाल

कोरबा: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के गेवरा प्रबंधन पर खदान विस्तार के लिए अमगांव ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के साथ अमानवीय व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों की बिजली काटकर उन्हें ठंड में रातें गुजारने पर मजबूर कर दिया गया। बच्चों और बुजुर्गों सहित ग्रामीण अपने घरों से बेदखल हो रहे हैं। प्रबंधन पर मानवता को नजरअंदाज कर केवल कोयला खनन को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया गया है। SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप: खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की बिजली काटी, मानवता पर उठे सवाल
प्रबंधन के कर्मचारी ग्रामीणों पर कर रहे हैं दबाव
- 13 दिसंबर को हुई घटना: ग्रामीणों का आरोप है कि SECL कर्मचारी अनिल पाटले ने बिजली विभाग के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करते हुए उनके घरों की बिजली काट दी।
- मकान खाली करने का दबाव: प्रबंधन ने कलेक्टर और एसडीएम का डर दिखाकर ग्रामीणों पर घर खाली करने का दबाव बनाया।
- रोजगार और मुआवजे की मांग अनसुनी: प्रभावित परिवारों का रोजगार प्रकरण वर्षों से लंबित है। मुआवजे और पुनर्वास की समस्याओं का कोई हल नहीं निकला है। SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप: खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की बिजली काटी, मानवता पर उठे सवाल
देवस्थानों और जैतखंभों को नुकसान पहुंचाने के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि SECL के कर्मचारियों ने उनके धार्मिक स्थलों और जैतखंभों को खंडित कर उनका अपमान किया। इससे आदिवासी और दलित समुदायों में भारी आक्रोश व्याप्त है। SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप: खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की बिजली काटी, मानवता पर उठे सवाल
2013 पुनर्वास नीति का उल्लंघन
ग्रामीणों का कहना है कि SECL प्रबंधन ने पुनर्वास और बसाहट के प्रावधानों का पालन नहीं किया। नियमों के अनुसार, खदान और गांव के बीच कम से कम 200 मीटर की दूरी होनी चाहिए, लेकिन प्रबंधन ने नियमों को नजरअंदाज कर दिया। SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप: खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की बिजली काटी, मानवता पर उठे सवाल
ग्रामीण करेंगे उच्च अधिकारियों से शिकायत
- ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वे प्रशासन के उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो खनन कार्य बंद करवाएंगे।
- स्थानीय आंदोलन जारी: प्रभावित परिवारों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द न हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं। SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप: खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की बिजली काटी, मानवता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का सवाल: इंसानियत कहां है?
SECL प्रबंधन पर मानवता और नियमों की अनदेखी का आरोप लग रहा है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करें। SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप: खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की बिजली काटी, मानवता पर उठे सवाल
मुख्य समस्याएं और मांगें
- रोजगार, मुआवजा, और पुनर्वास की समस्याओं का समाधान।
- ग्रामीणों के घरों की बिजली पुनः जोड़ने की व्यवस्था।
- धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना।
- 2013 पुनर्वास नीति का पालन।
- खनन कार्य से पहले ग्रामीणों की सहमति लेना। SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप: खदान विस्तार के लिए ग्रामीणों की बिजली काटी, मानवता पर उठे सवाल



















