शिक्षक दंपति के घर चोरी का खुलासा, युवती समेत 9 गिरफ्तार

बलौदाबाजार-भाटापारा में शिक्षक दंपति के सूने मकान से 3.16 लाख के जेवर चोरी का खुलासा। पुलिस ने पांच बालिग और चार नाबालिग समेत 9 आरोपियों को पकड़ा।
शिक्षक दंपति के सूने मकान से जेवर चोरी का खुलासा, कथित मास्टरमाइंड युवती समेत 9 गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पुलिस ने एक शिक्षक दंपति के घर हुई चोरी का खुलासा करते हुए 9 लोगों को पकड़ा है। इनमें एक युवती, चार पुरुष और चार नाबालिग शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक चोरी की योजना बनाने में युवती की अहम भूमिका थी।

यह चोरी शिवा रेसिडेंसी कॉलोनी में 17 से 20 अक्टूबर के बीच हुई थी। शिकायत के अनुसार चोर ताला तोड़कर घर में घुसे और सोने-चांदी के जेवर व चांदी के सिक्के ले गए। चोरी का सामान करीब 3 लाख 16 हजार रुपये का बताया गया है। सभी आरोपियों को 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया।
क्या था पूरा मामला?
शिवा रेसिडेंसी कॉलोनी के निवासी तुलसी चरण जायसवाल (32) ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक 17 से 20 अक्टूबर की रात अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़ा और अलमारी का ताला भी तोड़कर कीमती सामान चुरा लिया।

चोरी गए सामान में ये चीजें शामिल हैं:
- सोने के जेवरात
- चांदी के जेवरात
- चांदी के सिक्के
- कुल अनुमानित कीमत: लगभग 3.16 लाख रुपये
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
सिटी कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4), 305 और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 और 78 भी लगाई गई हैं। नाबालिगों की संलिप्तता के कारण इस कानून की धाराएं जोड़ी गई हैं।

सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिला सुराग
मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के रास्तों पर लगे कई सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। पुलिस के अनुसार बड़ी संख्या में फुटेज की जांच की गई और मुखबिरों की मदद से संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश हुई। इसी जांच और पूछताछ के बाद कथित रूप से शामिल गिरोह की पहचान हुई, फिर दबिश देकर सभी 9 आरोपी पकड़े गए।
कौन-कौन हुआ गिरफ्तार?
पुलिस ने पांच बालिग और चार नाबालिग आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार बालिग आरोपी ये हैं:
- सृष्टि उर्फ डाली ठाकुर (26 वर्ष): पुलिस के अनुसार चोरी की योजना बनाने में इनकी मुख्य भूमिका थी
- रितेश कुमार पाढ़ी (34 वर्ष)
- हेमनाथ यादव उर्फ गोलू उर्फ टप्पू (27 वर्ष)
- प्रियांशु साहू उर्फ लक्की (18 वर्ष 3 माह)
- युवराज दुलानी उर्फ युवी (18 वर्ष)
चार नाबालिग भी पकड़े गए हैं। कानूनी प्रावधानों के कारण उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है।
सूने और बंद मकानों को बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक गिरोह ऐसे मकानों को चुनता था जिन पर ताला लगा हो और जिनके खाली होने की आशंका हो। रेकी और योजना के बाद ताला तोड़कर कीमती सामान चुराया जाता था। हालांकि गिरोह के हर सदस्य की सटीक भूमिका की जानकारी अभी जांच के दायरे में है।
आगे क्या होगा?
सभी आरोपियों को 23 अक्टूबर को अदालत के सामने पेश किया गया। पुलिस आरोपियों की भूमिका की विस्तार से जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि गिरोह का नाम इलाके की किसी और वारदात में तो नहीं आता। जब तक अदालत में दोष सिद्ध नहीं होता, सभी आरोपी कानूनी रूप से आरोपी ही माने जाएंगे।
बाहर जाते समय बरतें ये सावधानियां
यह एक सामान्य सुझाव है, इस मामले की पुलिस जानकारी का हिस्सा नहीं:
- कई दिनों के लिए बाहर जाएं तो किसी भरोसेमंद पड़ोसी को बताएं
- कीमती गहने और नकदी घर में रखने के बजाय बैंक लॉकर में रखें
- घर के बाहर और अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवाएं









