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Shishupal Parvat: Chhattisgarh का नया Adventure Hub! Trekking और Waterfall का ऐसा नज़ारा पहले नहीं देखा होगा

महासमुंद के शिशुपाल पर्वत (Shishupal Parvat) की सैर करें! 1100 फीट ऊँचा झरना, रोमांचक ट्रैकिंग और राजा शिशुपाल की ऐतिहासिक कहानी। जानिए कैसे पहुँचें और क्या है खास।

Shishupal Parvat: अगर आप भी वही घिसे-पिटे Tourist Spots देखकर बोर हो गए हैं और कुछ ‘Extraordinary’ तलाश रहे हैं, तो तैयार हो जाइए! छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित Shishupal Parvat आजकल युवाओं और Adventure Lovers के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

Shishupal Parvat: पहाड़ों की ऊँचाई, घने जंगल और बादलों को छूते झरने—यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। आइए जानते हैं क्यों आपको अपनी अगली Trip यहाँ प्लान करनी चाहिए।

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Adventure on its Peak: Trekking का असली मजा

Shishupal Parvat की चढ़ाई कोई मामूली वॉक नहीं है। करीब 900 फीट की ऊँचाई पर स्थित इस चोटी तक पहुँचने के लिए आपको घने जंगलों, पथरीले रास्तों और प्राकृतिक पगडंडियों का सामना करना पड़ता है।

  • Trekking Experience: यहाँ की चढ़ाई आपके stamina को टेस्ट करती है, लेकिन ऊपर पहुँचने के बाद जो View मिलता है, वह आपकी सारी थकान मिटा देगा।

  • Top View: पहाड़ी के शिखर पर एक विशाल समतल मैदान (Flat Plateau) है, जहाँ से आप मीलों दूर तक की हरियाली देख सकते हैं।

1100 Feet ऊँचाई से गिरता जादुई झरना (Waterfall)

Shishupal Parvat: इस जगह की सबसे बड़ी खासियत यहाँ का भव्य जलप्रपात है। बारिश के दिनों में पहाड़ी के ऊपर से लगभग 1100 फीट नीचे गिरता पानी एक दूधिया चादर जैसा दिखता है।

  • Photographer’s Paradise: अगर आपको Photography का शौक है या आप Instagram Reels बनाना पसंद करते हैं, तो यहाँ के ‘Scenic Backgrounds’ आपको दीवाना बना देंगे।

  • Monsoon Special: मानसून के दौरान यह झरना अपने पूरे शबाब पर होता है, जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे आप ‘Baahubali’ फिल्म के किसी सेट पर आ गए हों।

History & Legend: राजा शिशुपाल की रहस्यमयी कहानी

Shishupal Parvat: Shishupal Hills सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती ही नहीं, बल्कि Historical Significance के लिए भी जानी जाती हैं।

  • स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहाँ कभी राजा शिशुपाल का शासन था। आज भी पहाड़ी पर पुराने किले और मंदिरों के अवशेष देखे जा सकते हैं।

  • एक रोमांचक लोककथा (Folklore) के मुताबिक, जब राजा अंग्रेजों से घिर गए थे, तब उन्होंने अपनी वीरता का परिचय देते हुए अपने घोड़े समेत पहाड़ी से छलांग लगा दी थी। इसी वजह से इस पर्वत और झरने का नाम उनके नाम पर पड़ा।

Religious Importance: आस्था का संगम

Shishupal Parvat: सिर्फ एडवेंचर ही नहीं, यहाँ की धार्मिक मान्यता भी बहुत गहरी है। मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि के मौके पर यहाँ भव्य मेले का आयोजन होता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ मंदिर में दर्शन करने और कुंड में स्नान करने पहुँचते हैं।

How to Reach Shishupal Parvat? (ट्रैवल गाइड)

Shishupal Parvat: महासमुंद जिले के सरायपाली (Saraipali) के पास स्थित यह जगह मुख्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ी हुई है:

  • From Raipur: रायपुर से इसकी दूरी लगभग 157 KM है।

  • From Saraipali: सरायपाली से यह मात्र 20 KM की दूरी पर है।

  • Best Time to Visit: यहाँ घूमने का सबसे बेस्ट समय जुलाई से फरवरी तक है। मानसून में हरियाली और झरने देखने लायक होते हैं, तो वहीं सर्दियों में मौसम ट्रैकिंग के लिए परफेक्ट रहता है।

Travel Tips for Visitors:

  1. Comfortable Shoes: ट्रैकिंग के लिए अच्छे ग्रिप वाले जूते पहनें।

  2. Carry Essentials: ऊपर पहाड़ी पर खाने-पीने की सुविधा कम है, इसलिए पानी और स्नैक्स साथ ले जाएं।

  3. Eco-Friendly Travel: यह एक सुरक्षित और प्राकृतिक स्थल है, कृपया यहाँ कचरा न फैलाएं।

 क्यों है यह ‘Must-Visit’?

Shishupal Parvat केवल एक पहाड़ नहीं, बल्कि Nature, Adventure, और History का एक परफेक्ट ब्लेंड है। शासन द्वारा अब यहाँ बुनियादी सुविधाओं और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा Tourist Attraction बन सकता है।

तो देर किस बात की? अपने दोस्तों के साथ ग्रुप बनाएं और इस वीकेंड Shishupal Parvat की वादियों में खो जाएं!

Dr. Tarachand Chandrakar

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