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कांकेर जेल में ‘संदिग्ध मौत’ से भूचाल: पूर्व जनपद अध्यक्ष की जान जाने के बाद सुलग उठा आदिवासी समाज, विधानसभा तक गूंजेगी आवाज

कांकेर जेल में ‘संदिग्ध मौत’ से भूचाल: पूर्व जनपद अध्यक्ष की जान जाने के बाद सुलग उठा आदिवासी समाज, विधानसभा तक गूंजेगी आवाज. कांकेर जेल (Kanker Jail) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार मामला बेहद गंभीर है। जेल के भीतर पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष और गोंडवाना समाज के वरिष्ठ नेता की ‘संदिग्ध परिस्थितियों’ में हुई मौत ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। “जेल को जेलर चलाती है या कोई और?” यह सवाल अब दबी जुबान में नहीं, बल्कि सड़क से लेकर सियासी गलियारों तक गूंज रहा है।

26 कर्मचारियों की शिकायत और रफा-दफा होती जांच

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जेल की चारदीवारी के पीछे क्या चल रहा है, यह कोई नई पहेली नहीं है। सूत्रों और दस्तावेजों की मानें तो जेल में पदस्थ करीब 26-27 कर्मचारियों ने पहले भी जेलर के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने बाकायदा भारी-भरकम पत्र लिखकर जेलर पर ‘मानसिक प्रताड़ना’ के गंभीर आरोप लगाए थे। लेकिन, जैसा अक्सर होता है, जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।कांकेर जेल में ‘संदिग्ध मौत’ से भूचाल

इससे पहले जेल कर्मचारियों का एक ढाबे में मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। उस वक्त भी मामले को दबाने के लिए आनन-फानन में चार में से केवल एक कर्मचारी को निलंबित कर नारायणपुर भेज दिया गया था। हर बार सवाल उठे और हर बार फाइलें रद्दी की टोकरी में डाल दी गईं।कांकेर जेल में ‘संदिग्ध मौत’ से भूचाल

आधी रात को जांच और दस्तावेजों की जब्ती?

ताजा मामले में पत्रकारों और सोशल मीडिया की सक्रियता ने प्रशासन को हरकत में आने पर मजबूर कर दिया है। खबर है कि बस्तर संभाग (जगदलपुर) के जेल अधीक्षक को रातों-रात कांकेर आना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, खबर वायरल होते ही अधिकारी ने जेल का दौरा किया और कुछ अहम दस्तावेज लेकर वापस लौट गए। इतनी हड़बड़ी में हुई इस ‘विजट’ ने कई नए संदेह पैदा कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या सच को सामने लाया जाएगा या फिर से लीपापोती की तैयारी है?कांकेर जेल में ‘संदिग्ध मौत’ से भूचाल

सड़क से सदन तक लड़ाई के मूड में कांग्रेस और आदिवासी समाज

गोंडवाना समाज के नेता की मौत ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मनोज मंडावी (Savitri Manoj Mandavi) इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं। उनके तेवरों को देखकर साफ है कि आने वाले विधानसभा सत्र में जेलर की कार्यप्रणाली और जेल के भीतर हुई मौत का मुद्दा जोर-शोर से गूंजेगा।कांकेर जेल में ‘संदिग्ध मौत’ से भूचाल

ऐसी संभावना है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़े खुलासे कर सकते हैं। वहीं, आक्रोशित आदिवासी समाज जेलर के निवास का घेराव करने की तैयारी में है। प्रशासन पल-पल की अपडेट ले रहा है, क्योंकि स्थिति कभी भी विस्फोटक हो सकती है। अगर सामने आए पत्र और आरोपों की निष्पक्ष जांच हुई, तो जेल प्रशासन के कई बड़े राज बेपर्दा हो सकते हैं।कांकेर जेल में ‘संदिग्ध मौत’ से भूचाल

Dr. Tarachand Chandrakar

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