
पेट और हड्डियों का दर्द होगा छूमंतर! बस पहनें ये जादुई रत्न, जानें कौन सा नग बदलेगा आपकी सेहत. क्या आप दवाइयां खा-खाकर परेशान हो चुके हैं, लेकिन पेट की तकलीफ या जोड़ों का दर्द जाने का नाम नहीं ले रहा? आधुनिक दौर में लोग एलोपैथी के साथ-साथ अब प्राचीन ज्योतिषीय विज्ञान यानी ‘रत्न चिकित्सा’ (Gem Therapy) की ओर लौट रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र मानता है कि हमारी सेहत का सीधा कनेक्शन ग्रहों से है। सही रत्न धारण करने से न केवल ग्रह शांत होते हैं, बल्कि कई पुरानी बीमारियों में भी चमत्कारिक लाभ मिल सकता है।
यहाँ जानें कि पेट और हड्डियों की मजबूती के लिए कौन सा रत्न धारण करना चाहिए।पेट और हड्डियों का दर्द होगा छूमंतर!
रत्न चिकित्सा का विज्ञान: कैसे होता है असर?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर रत्न में एक विशेष ब्रह्मांडीय ऊर्जा होती है जो किसी न किसी ग्रह से जुड़ी होती है। जब हम सही रत्न पहनते हैं, तो वह संबंधित ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा को हमारे शरीर में बढ़ाता है और बीमारी देने वाले ग्रहों के प्रभाव को कम करता है।पेट और हड्डियों का दर्द होगा छूमंतर!
पुखराज: बृहस्पति (Guru)
मोती: चंद्रमा (Moon)
मूंगा: मंगल (Mars)
माणिक्य: सूर्य (Sun)
नीलम: शनि (Saturn)
पन्ना: बुध (Mercury)
पेट की समस्याओं का रामबाण इलाज: पन्ना (Emerald)
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सबसे ज्यादा लोग पेट, पाचन, गैस और एसिडिटी से परेशान हैं। ज्योतिष के मुताबिक, पेट की समस्याएं अक्सर खराब बृहस्पति, चंद्रमा या राहु के कारण होती हैं।पेट और हड्डियों का दर्द होगा छूमंतर!
क्या न पहनें: अगर आपको पेट की पुरानी बीमारी है, तो बिना सलाह के पुखराज, सफेद मोती या गोमेद पहनने से बचें, ये समस्या बढ़ा सकते हैं।
क्या पहनें: पेट के रोगियों के लिए पन्ना (Emerald) धारण करना बेहद लाभकारी माना गया है। यह बुध ग्रह को मजबूत करता है और पाचन तंत्र को सुचारू बनाता है।
विशेष टिप: कुछ मामलों में हल्का स्लेटी या श्याम रंग का मोती भी फायदा पहुंचा सकता है, लेकिन इसे किसी जानकार की सलाह के बाद ही पहनें।
कमजोर हड्डियां और नसों का दर्द: पहनें माणिक्य और नीलम
बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों में कमजोरी और नसों में झनझनाहट आम बात है, लेकिन ज्योतिष में इसके लिए सूर्य और शनि जिम्मेदार माने जाते हैं।पेट और हड्डियों का दर्द होगा छूमंतर!
हड्डियों के लिए (Bones Health): ज्योतिष में सूर्य को हड्डियों का कारक माना गया है। अगर आपको जोड़ों में दर्द है या कैल्शियम की कमी है, तो माणिक्य (Ruby) धारण करना आपके लिए संजीवनी साबित हो सकता है।
नसों की समस्या (Nerve Issues): नसों में सुन्नपन, ब्लॉकेज या नर्वस सिस्टम की कमजोरी शनि देव से जुड़ी है। इसके निवारण के लिए नीलम (Blue Sapphire) सबसे असरदार रत्न है। कई बार पीतांबरी नीलम (जिसमें पीलापन हो) भी बेहतरीन परिणाम देता है।
सावधानी: बिना सलाह के न पहनें रत्न
रत्न चिकित्सा बहुत प्रभावशाली है, लेकिन यह दोधारी तलवार भी हो सकती है। हर किसी की कुंडली अलग होती है। जो रत्न एक को फायदा पहुंचाता है, वही दूसरे को नुकसान भी दे सकता है। इसलिए, कोई भी रत्न धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से अपनी कुंडली का विश्लेषण अवश्य करवाएं।पेट और हड्डियों का दर्द होगा छूमंतर!



















