CG Dhan Kharidi: प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! 1.52 लाख क्विंटल अवैध धान जब्त, इन जिलों में सबसे बड़ी कार्रवाई

CG Dhan Kharidi: प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! 1.52 लाख क्विंटल अवैध धान जब्त, इन जिलों में सबसे बड़ी कार्रवाई. छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बीच प्रशासन ने धान माफियाओं और बिचौलियों पर शिकंजा कस दिया है। दूसरे राज्यों से खपाने के लिए लाया जा रहा अवैध धान और बिना हिसाब-किताब का भंडारण करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1 लाख 52 हजार क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया जा चुका है।
आइये जानते हैं कि आपके जिले में कितनी कार्रवाई हुई है और सरकार ने इसे रोकने के लिए क्या हाईटेक इंतजाम किए हैं।CG Dhan Kharidi: प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’!
बॉर्डर पर पहरा और हाईटेक निगरानी
1 नवंबर से शुरू हुए इस अभियान में 6 दिसंबर तक प्रशासन ने बड़ी सफलता हासिल की है। मार्कफेड (Markfed) और जिला प्रशासन ने मिलकर अवैध परिवहन को रोकने के लिए “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है।CG Dhan Kharidi: प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’!
चेकपोस्ट: दूसरे राज्यों से आने वाले धान को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में कड़े चेकपोस्ट बनाए गए हैं।
टास्क फोर्स: हर जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
कंट्रोल रूम: मार्कफेड ने ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ बनाया है, जहां से रियल टाइम में धान खरीदी और परिवहन की निगरानी की जा रही है।
महासमुंद और धमतरी में सबसे ज्यादा जब्ती
मंडी अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने कई जिलों में अवैध धान के जखीरे को पकड़ा है। सबसे ज्यादा कार्रवाई महासमुंद और धमतरी में देखने को मिली है। यहाँ देखिये प्रमुख जिलों के आंकड़े:
महासमुंद: 25,718 क्विंटल (सर्वाधिक)
धमतरी: 23,859 क्विंटल
रायगढ़: 21,331 क्विंटल
राजनंदगांव: 14,977 क्विंटल
बलरामपुर: 9,771 क्विंटल
इसके अलावा बेमेतरा, कवर्धा, और बालोद जैसे जिलों में भी हजारों क्विंटल धान जब्त किया गया है। बस्तर, बीजापुर और सुकमा जैसे सुदूर क्षेत्रों में भी प्रशासन की टीम मुस्तैद है और लगातार कार्रवाई कर रही है।CG Dhan Kharidi: प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’!
सरकार का सख्त संदेश: बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
खाद्य विभाग और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाहरी राज्यों का धान छत्तीसगढ़ में खपाकर अनुचित लाभ उठाने वालों पर निगरानी और तेज कर दी गई है।
“क्विक रिस्पांस सिस्टम” की बदौलत ही प्रशासन इतनी बड़ी मात्रा में धान जब्त करने में सफल रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि समर्थन मूल्य का पूरा फायदा केवल राज्य के असली किसानों को ही मिले, न कि कोचियों और बिचौलियों को।CG Dhan Kharidi: प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’!



















