गरियाबंद में जिला शिक्षा अधिकारी पर पक्षपात के आरोप, सेटिंग वाले शिक्षकों को मिली मनचाही पोस्टिंग

गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में शिक्षा विभाग का एक नया विवाद सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एके सारस्वत पर आरोप है कि उन्होंने हाल ही में हुई पदोन्नति काउंसिलिंग में नियमों को दरकिनार कर अपने पसंदीदा शिक्षकों को मनचाही पोस्टिंग दी है। आरोप है कि उन्होंने जिला कैडर के पदों को गुप्त रखते हुए, मैनपुर, गरियाबंद, और फिंगेश्वर जैसे क्षेत्रों में स्थानीय शिक्षकों को प्राथमिकता दी, जबकि अन्य शिक्षकों के साथ भेदभाव किया गया। गरियाबंद में जिला शिक्षा अधिकारी पर पक्षपात के आरोप, सेटिंग वाले शिक्षकों को मिली मनचाही पोस्टिंग
नियमों का उल्लंघन और सेटिंग का आरोप
मैनपुर ब्लॉक के 20 स्थानीय शिक्षकों को उनके गृह क्षेत्र में पोस्टिंग दी गई, जबकि अन्य क्षेत्रों के शिक्षकों को उनके ब्लॉक में पोस्टिंग नहीं दी गई। फिंगेश्वर ब्लॉक के शिक्षक उमेन्द साहू को उनके गृह क्षेत्र में पोस्टिंग से वंचित कर दिया गया। वहीं, नियम के अनुसार प्राथमिकता क्रम के बिना ही कई सेटिंग वाले शिक्षकों को एकल शिक्षकीय स्कूलों में पोस्टिंग दी गई, जिससे अन्य शिक्षकों के साथ पक्षपात का मामला उजागर हुआ। गरियाबंद में जिला शिक्षा अधिकारी पर पक्षपात के आरोप, सेटिंग वाले शिक्षकों को मिली मनचाही पोस्टिंग
डीईओ का बयान और शिक्षकों का असंतोष
इस मामले में डीईओ सारस्वत ने खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए बयान जारी किया, जिसे शिक्षक झूठा और भ्रामक करार दे रहे हैं। असंतुष्ट प्रधान पाठक इदरीश खान और उमेन्द साहू का कहना है कि बिना सेटिंग किए उन्हें नियमों का गलत तरीके से पालन करते हुए पोस्टिंग से वंचित किया गया। दोनों शिक्षक जल्द ही न्याय की मांग को लेकर हाईकोर्ट जाने का विचार कर रहे हैं। गरियाबंद में जिला शिक्षा अधिकारी पर पक्षपात के आरोप, सेटिंग वाले शिक्षकों को मिली मनचाही पोस्टिंग
शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश
राज्य सरकार ने सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला में पदोन्नति के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं:
- पोस्टिंग के लिए पहले शिक्षक विहीन शालाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
- एकल शिक्षकीय शालाओं में रिक्त पदों को भरने के बाद, अन्य रिक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा।
- असंतुष्ट शिक्षक 10 दिनों के भीतर डीईओ के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
इस निर्देश के उल्लंघन पर अब शासन का ध्यान गया है, जिससे शिक्षा विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। गरियाबंद में जिला शिक्षा अधिकारी पर पक्षपात के आरोप, सेटिंग वाले शिक्षकों को मिली मनचाही पोस्टिंग



















