लापरवाही की हद: पेट्रोल पंप मालिक ने झुलसे मिस्त्री को छोड़ा बेसहारा, इलाज के लिए घर गिरवी; पुलिस 9 महीने से खामोश

कवर्धा। लापरवाही की हद: पेट्रोल पंप मालिक ने झुलसे मिस्त्री को छोड़ा बेसहारा, इलाज के लिए घर गिरवी; पुलिस 9 महीने से खामोश, जिले में एक पेट्रोल पंप मालिक की घोर लापरवाही और अमानवीयता का मामला सामने आया है, जहां काम के दौरान करंट से बुरी तरह झुलसे एक मिस्त्री को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। मालिक ने पहले इलाज का पूरा खर्च उठाने का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गया। पीड़ित परिवार इलाज के लिए अपना घर तक गिरवी रख चुका है और कर्ज में डूबा है, लेकिन सबसे निराशाजनक बात यह है कि 9 महीने पहले FIR दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित पन्नालाल घृतलहरे ने बताया कि वह 22 अक्टूबर 2023 को कुछ अन्य मजदूरों के साथ लोहारा नाका स्थित गौतम जैन के पेट्रोल पंप पर दीवार निर्माण का काम करने गए थे। आरोप है कि पंप मालिक गौतम जैन ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के पन्नालाल को जबरदस्ती ट्रांसफार्मर के पास बनी बाउंड्रीवॉल पर चढ़कर काम करने को कहा। इसी दौरान वह हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए, जिससे उनका सिर से लेकर पीठ तक का 80 प्रतिशत हिस्सा बुरी तरह झुलस गया।लापरवाही की हद: पेट्रोल पंप मालिक ने झुलसे मिस्त्री को छोड़ा बेसहारा
इलाज के वादे से मुकरा मालिक, कर्ज में डूबा परिवार
बेहोशी की हालत में पन्नालाल को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मालिक गौतम जैन ने इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया। लेकिन जब डॉक्टरों ने एक बड़े ऑपरेशन के लिए 4 लाख रुपये मांगे, तो मालिक ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार को उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां से उन्हें रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर कर दिया गया।लापरवाही की हद: पेट्रोल पंप मालिक ने झुलसे मिस्त्री को छोड़ा बेसहारा
पीड़ित परिवार ने बताया कि अब तक पन्नालाल के चार ऑपरेशन हो चुके हैं और एक ऑपरेशन अभी भी बाकी है। इलाज में करीब 5 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, जिसके लिए उन्हें अपना घर गिरवी रखना पड़ा और आज पूरा परिवार कर्ज में डूबा हुआ है।लापरवाही की हद: पेट्रोल पंप मालिक ने झुलसे मिस्त्री को छोड़ा बेसहारा
9 महीने से कार्रवाई का इंतजार, अब एसपी से उम्मीद
जब पेट्रोल पंप मालिक ने कोई मदद नहीं की, तो पीड़ित की पत्नी शांतिबाई घृतलहरे ने 7 नवंबर 2023 को कवर्धा कोतवाली में गौतम जैन के खिलाफ FIR दर्ज कराई। लेकिन 9 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। सिस्टम से हताश और न्याय की आस में पीड़ित परिवार ने 13 अगस्त को पुलिस अधीक्षक (SP) के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।लापरवाही की हद: पेट्रोल पंप मालिक ने झुलसे मिस्त्री को छोड़ा बेसहारा



















