
UP Vigilance Raid: सरकारी महकमे में एक मामूली क्लर्क (Clerk) के पास कितनी संपत्ति हो सकती है? उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के एक पूर्व आपूर्ति क्लर्क (Supply Clerk) ने इस सवाल का जो जवाब दिया है, उसे सुनकर सबके होश उड़ गए हैं। विजिलेंस टीम (Vigilance Team) की छापेमारी में खुलासा हुआ है कि इस पूर्व क्लर्क के पास 17 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।
आय से अधिक संपत्ति (DA Case) का बड़ा खुलासा
UP Vigilance Raid: गोरखपुर सेक्टर की विजिलेंस टीम ने गगन कुमार सिंह (Gagan Kumar Singh) के खिलाफ ‘आय से अधिक संपत्ति’ (Disproportionate Assets) के मामले में यह बड़ी कार्रवाई की है। गगन सिंह मऊ में सप्लाई क्लर्क के पद पर तैनात थे। शासन से आदेश मिलने के बाद विजिलेंस ने उनके बिहार और झारखंड स्थित कई ठिकानों पर एक साथ Search Operations शुरू किए।
बिहार और झारखंड में फैला है ‘साम्राज्य’
UP Vigilance Raid: विजिलेंस की 24 सदस्यीय टीम ने गगन सिंह के पैतृक गांव से लेकर उनके शहरी ठिकानों तक, हर जगह बारीकी से जांच की। छापेमारी के दौरान इन संपत्तियों का खुलासा हुआ:
Banka (Bihar): पैतृक गांव गुलनी कुशहा में करीब 4.29 करोड़ रुपये का आलीशान मकान और गोदाम।
Banka Urban: बांका शहर में 1.70 करोड़ रुपये का एक और मकान।
Bhagalpur (Bihar): भागलपुर में करीब 34 लाख रुपये का लग्जरी फ्लैट।
Deoghar (Jharkhand): बाबा नगरी देवघर में 1.17 करोड़ रुपये का कीमती मकान।
Land Documents: जांच टीम को जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े 33 बैनामे (Deeds) भी मिले हैं।
6 घंटे तक चली छापेमारी, टीम भी रह गई हैरान
UP Vigilance Raid: निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार राय के नेतृत्व में विजिलेंस की चार टीमों ने कोर्ट से सर्च वारंट लेकर यह कार्रवाई की। करीब 6 घंटे तक चली छापेमारी में केवल अचल संपत्ति ही नहीं, बल्कि घर के अंदर से लाखों का कीमती फर्नीचर, कंप्यूटर, बैंक पासबुक और चेकबुक भी बरामद किए गए हैं।
कैसे खुला यह पूरा खेल?
UP Vigilance Raid: गगन कुमार सिंह के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि उन्होंने अपनी कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति बना ली है। शासन के निर्देश पर गोरखपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच (Investigation) में मिले सबूतों के आधार पर जब रेड की गई, तो भ्रष्टाचार का यह काला चिट्ठा सामने आया।
UP Vigilance Raid: विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में कुछ और बेनामी संपत्तियों (Benami Properties) का खुलासा हो सकता है।



















