शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, शटर बंद कर किया जोरदार विरोध

शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का उग्र प्रदर्शन, शटर बंद कर किया जोरदार विरोध
? छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नई शराब दुकानों की स्थापना के फैसले का विरोध जारी है।
? जशपुर के पत्थलगांव में महिलाओं और ग्रामीणों ने शराब दुकान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शटर बंद कर दिया।
? आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दुकान नहीं हटाई गई, तो विरोध और तेज होगा।
? शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश
छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव के लंजियापारा में शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया।
? सुबह 11 बजे दर्जनों महिलाएं नारेबाजी करते हुए दुकान पर पहुंचीं और शटर बंद कर दिया।
? दुकान के अंदर मौजूद कर्मचारी भी फंस गए।
? प्रदर्शनकारी महिलाएं दुकान हटाने की ठोस घोषणा के बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया हो। एक हफ्ते पहले भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था, लेकिन उन्हें सिर्फ 7 दिन का आश्वासन देकर शांत कराया गया।
? शराब दुकान से बढ़ रही समस्याएं, महिलाओं ने गिनाई परेशानियां
? असामाजिक तत्वों का अड्डा बन रही दुकान – शराब दुकान के कारण शराबियों का जमावड़ा बढ़ गया है, जिससे महिलाओं और बच्चों को असुरक्षा महसूस होती है।
? छेड़खानी और अभद्र टिप्पणियां – नशे में धुत शराबी महिलाओं और स्कूली बच्चियों पर अश्लील टिप्पणी करते हैं।
? खेतों को नुकसान – शराब की बोतलें खेतों में फेंकी जाती हैं, जिससे फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
? स्थानीय लोग परेशान – शराब की दुकान के कारण राहगीरों, व्यापारियों और आम नागरिकों को काफी असुविधा हो रही है।
? प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद भी महिलाएं अडिग
? प्रदर्शन के दौरान नायब तहसीलदार नीलम पिस्दा और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की।
? प्रशासन ने कहा कि शराब दुकान को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन महिलाएं तत्काल निर्णय की मांग पर अड़ी रहीं।
? महिलाओं का कहना है – “अब नहीं तो कभी नहीं! जब तक दुकान नहीं हटेगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।”
⚠️ विरोध प्रदर्शन और तेज होने की चेतावनी
? स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले लेगा।
? ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि शराब दुकानों को आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाए।
? क्या सरकार जनता की मांग सुनेगी? या विरोध प्रदर्शन और उग्र होगा? पत्थलगांव की यह लड़ाई अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बन सकती है!



















