मंत्री का आरोप सरकारी बंगले से चोरी हुआ है सामना, नए मिनिस्टर को बंगला मिला तो खुली पोल

NCG NEWS DESK RAIPUR ;-
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को मिले शासकीय आवास से कथित रूप से बड़ी संख्या में सामान गायब मिला है। सामान गायब होने के बाद मंत्री जायसवाल और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे शिव डहरिया आमने-सामने आ गये हैं। जायसवाल ने मामले की जांच कराने के लिए कहा है, वहीं पूर्व मंत्री डहरिया ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। पिछले महीने 22 दिसंबर को साय मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ तब मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक जायसवाल ने नौ मंत्रियों के साथ राजभवन में शपथ ग्रहण किया।
जायसवाल को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग सौंपा गया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जायसवाल को वही शासकीय आवास दिया गया है जहां पहले पूर्व कांग्रेस सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया रहते थे। डहरिया ने आवास खाली कर दिया है।
क्या-क्या गायब है
पिछले दिनों जब जायसवाल ने अपने शासकीय आवास का निरीक्षण किया तब पाया कि वहां से कुछ सामान गायब हैं। जायसवाल ने बताया, ”बंगले में जो समान थे वह गायब हैं। वहां से एसी गायब है। टेलीफोन गायब है और उसका तार काट दिया गया है। बाथरूम से आईना तक गायब है। किचन का प्लेटफार्म गायब है। नल की टोटी गायब है, साथ ही साथ जो बिजली के खंभे थे फ्लड लाइट जैसा वह सभी गायब है। जगह-जगह दीवार को खोदकर निकाल दिया गया है।”
मंत्री ने कहा, ”ऐसा लग रहा है जैसे मुगलों ने भारत पर आक्रमण किया था तो हमारे मंदिरों को खोदकर उसके रत्न और जो भी सोने चांदी जड़े थे उसे निकाल दिए थे उसी प्रकार से जो सरकारी आवास है उससे चोरी की गई है।” जायसवाल ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
कांग्रेस नेता ने कहा- माफी मागंनी चाहिए
मंत्री जायसवाल के बयान के बाद पूर्व मंत्री डहरिया ने कहा है मंत्री जी एक अनुसूचित जाति के नेता को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। डहरिया से कहा, ”माननीय मंत्री जी को बयान देने से पहले पीडब्ल्यूडी विभाग से और यदि आवश्यकता पड़ती तो मुझसे पूछ लेना था। मैंने सारे विभाग से एनओसी ले लिया है और एनओसी लेने के बाद ही मैंने मकान छोड़ा है। क्या मैं अपना व्यक्तिगत सामान नहीं ले जा सकता। वहां जो दो-तीन एसी लगे थे मेरे कमरे में वहां मैंने लगाया था, टीवी लगाया था, मेरा बच्चा क्रिकेट खेलता है। जो क्रिकेट का सेड लगा था वह मैंने लगाया था, पीडब्ल्यूडी ने नहीं बनवाया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘माननीय मंत्री जी जानबूझकर एक अनुसूचित जाति के नेता को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं उनको सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’‘ उन्होंने कहा, ”उन्हें पीडब्ल्यूडी से उन्हें पूछ लेना चाहिए कि कौन-कौन सा सामान यहां पर उपलब्ध कराया गया था। मैं बात करूंगा मंत्री जी से। सार्वजनिक रूप से उनको माफी माफी मांगनी चाहिए। वह खुद यहां पर आ जाए और मीडिया को बुला लें तथा अपने दो-चार मित्रों को बुलाकर एक-एक समान वहां पर गिनवा लें। इस तरह से बदनाम करने की कोशिश करना उचित नहीं है।”
जायसवाल ने कहा- मैंने किसी पर आरोप नहीं लगाया है
डहरिया के बयान के बाद मंत्री जायसवाल ने कहा है कि उन्होंने किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने कहा, ”मैंने किसी व्यक्ति के ऊपर आरोप नहीं लगाया है। यह जांच का विषय है, जहां पर लगातार एक मंत्री रह रहे हो वहां से सामान गायब हो जाना यह जांच का विषय है, और इसकी जांच हम कर रहे हैं। पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर भारतीय जनता पार्टी राज्य की सत्ता में वापस आई है। इस चुनाव में भाजपा को 54 सीटें मिली है, जबकि कांग्रेस 35 सीटों पर विजयी रही। राज्य में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एक सीट जीतने में कामयाब रही।
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