दंतेवाड़ा में छात्र की आत्महत्या, सुसाइड नोट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं

दंतेवाड़ा में एक और आत्महत्या, छात्र ने लिखी थी सुसाइड नोट
दंतेवाड़ा जिले के भांसी पोटाकेबिन छात्रावास में आठवीं कक्षा के छात्र घासी राम बारसा ने आत्महत्या कर ली। वह कुंदेली गांव का निवासी था और छात्रावास में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात छात्र ने छात्रावास के एक खाली कमरे में गमछे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। दंतेवाड़ा में छात्र की आत्महत्या, सुसाइड नोट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं
घटनास्थल पर घबराहट और प्रशासन की प्रतिक्रिया
जब सुबह अन्य बच्चे उठे, तो यह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। तुरंत ही शिक्षक और प्यून को सूचित किया गया, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी, जिसमें बचेली एसडीएम, तहसीलदार और एसडीओपी शामिल थे, मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दंतेवाड़ा में छात्र की आत्महत्या, सुसाइड नोट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं
सुसाइड नोट में क्या था?
पुलिस को शव के पास कुछ पत्र मिले, जिनमें भगवान से शिकायतें और गायत्री मंत्र लिखा हुआ था, लेकिन इनमें मौत के कारण या किसी अन्य व्यक्ति का नाम नहीं था। सुसाइड नोट से आत्महत्या के कारणों के बारे में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। दंतेवाड़ा में छात्र की आत्महत्या, सुसाइड नोट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं
परिजनों और गांववालों का विरोध
घासी राम के परिजनों और गांववालों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी और शव को जल्दी से पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने घटनास्थल को जल्दी से साफ कर दिया और बच्चों से बातचीत नहीं करने दी। इस घटना के बाद परिवार और गांववालों में गहरी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है। दंतेवाड़ा में छात्र की आत्महत्या, सुसाइड नोट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं
जांच की मांग और घटना पर गहरा असंतोष
घासी राम के परिवार ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने बच्चे को पढ़ाई के लिए भेजा था, लेकिन अब वे उनका शव लेकर वापस आए हैं। इस घटना ने इलाके में गहरी चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है। परिवार ने आत्महत्या की निष्पक्ष जांच की मांग की है। दंतेवाड़ा में छात्र की आत्महत्या, सुसाइड नोट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं



















