दुर्ग SP पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप, FIR दर्ज न होने पर उठे सवाल

दुर्ग SP पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप, FIR दर्ज न होने पर उठे सवाल
दुर्ग, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में न्यायालय के आदेश की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस अधीक्षक (SP) जीतेंद्र शुक्ला ने न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद थाना पुरानी भिलाई के निरीक्षक महेश ध्रुव और महिला थाना प्रभारी श्रद्धा पाठक के खिलाफ FIR दर्ज नहीं करवाई।दुर्ग SP पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप
? महिला आवेदिका पूनम शर्मा ने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक (IG), दुर्ग संभाग को शिकायत पत्र भेजा और SP पर जानबूझकर दो पुलिस अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया है।दुर्ग SP पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप
न्यायालय ने दिया था FIR दर्ज करने का आदेश
⚖️ 27 जनवरी 2025 को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, भिलाई-3 ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद IG ने भी SP को निर्देश दिए, लेकिन 20 फरवरी 2025 तक FIR दर्ज नहीं की गई।दुर्ग SP पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप
? क्या है पूरा मामला?
- शिकायतकर्ता पूनम शर्मा का आरोप है कि उनके और उनके पति प्रोबीर शर्मा को आंध्र प्रदेश के पीठापुरम से बिना स्थानीय अदालत की अनुमति और बिना वहां की पुलिस को सूचित किए भिलाई लाया गया।
- इस दौरान महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद नहीं थीं, जो कानून और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का उल्लंघन है।
- सुबह 8:30 बजे महिला थाना भिलाई में हिरासत में रखा गया और शाम 7 बजे छोड़ा गया, लेकिन उनके दो मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए, जिनकी कोई पावती नहीं दी गई।
SP पर जानबूझकर FIR दर्ज न कराने का आरोप
? आवेदिका का कहना है कि SP ने थाना अधिकारियों को बचाने के लिए न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया।
? अब उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृह विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है।
क्या होगी अगली कार्रवाई?
⚠️ यदि जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया, तो पूनम शर्मा न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर सकती हैं।
? अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और न्यायालय के आदेश का पालन कब तक होता है।
? इस प्रकरण पर हर अपडेट के लिए बने रहें!



















