सावधान! HP पेट्रोल पंप की फर्जी डीलरशिप बेचकर लाखों की ठगी, गूगल सर्च के बाद युवक बना शिकार

सावधान! HP पेट्रोल पंप की फर्जी डीलरशिप बेचकर लाखों की ठगी, गूगल सर्च के बाद युवक बना शिकार
आज के डिजिटल युग में जहाँ एक क्लिक पर जानकारी मिलती है, वहीं धोखेबाज भी इसी का फायदा उठाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक का पेट्रोल पंप मालिक बनने का सपना एक भयानक ऑनलाइन धोखाधड़ी में बदल गया। ठगों ने इतने शातिर तरीके से जाल बिछाया कि युवक ने उन्हें 1.85 लाख रुपये दे दिए।सावधान! HP पेट्रोल पंप की फर्जी डीलरशिप बेचकर लाखों की ठगी
कैसे बिछाया गया ठगी का यह पूरा जाल?
पेंड्रा निवासी तनिष्क गुप्ता ने एचपी (HP) पेट्रोल पंप की डीलरशिप लेने के लिए गूगल पर जानकारी खोजी। यहीं से ठगों के खेल की शुरुआत हुई।सावधान! HP पेट्रोल पंप की फर्जी डीलरशिप बेचकर लाखों की ठगी
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पहला कॉल और झूठा भरोसा: गूगल सर्च के कुछ समय बाद, तनिष्क को अशोक कुमार नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। उसने तनिष्क को बधाई देते हुए कहा कि पेट्रोल पंप के लिए उनकी जमीन का चयन कर लिया गया है।
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भरोसे के लिए फर्जी वेरिफिकेशन: बात को असली दिखाने के लिए, जमाल खान नामक एक व्यक्ति कानपुर से पेंड्रा आया। उसने खुद को कंपनी का अधिकारी बताया, जमीन का फर्जी निरीक्षण किया और भरोसे के लिए तनिष्क के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
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पैसों की मांग और फर्जी रसीद: अगले दिन, वरुण गुप्ता नाम के तीसरे व्यक्ति ने फोन किया। उसने तनिष्क से इंडियन ओवरसीज बैंक के एक खाते में 1,85,400 रुपये जमा करने को कहा। पैसे जमा होने के बाद, तनिष्क को एक रसीद भी भेजी गई, जो बाद में पूरी तरह से फर्जी निकली।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
जब तनिष्क को एहसास हुआ कि वह एक बड़े घोटाले का शिकार हो चुका है, तो उन्होंने तुरंत पेंड्रा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी अशोक कुमार, जमाल खान, वरुण गुप्ता और संबंधित बैंक खाताधारक के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC की धारा 420) और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।सावधान! HP पेट्रोल पंप की फर्जी डीलरशिप बेचकर लाखों की ठगी
पेट्रोल पंप डीलरशिप फ्रॉड से कैसे बचें?
यह घटना एक चेतावनी है। अगर आप भी किसी कंपनी की डीलरशिप लेने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
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आधिकारिक वेबसाइट पर ही जाएं: किसी भी कंपनी (जैसे HPCL, BPCL, IOCL) की डीलरशिप के लिए हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) पर ही आवेदन करें। गूगल पर दिखने वाले किसी भी अनजान लिंक पर भरोसा न करें।
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फोन पर न करें भरोसा: कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी फोन पर डीलरशिप फाइनल नहीं करती। चयन की एक लंबी और पारदर्शी प्रक्रिया होती है।
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व्यक्तिगत खाते में पैसे न डालें: कंपनियां कभी भी किसी व्यक्तिगत बैंक खाते में पैसे जमा करने के लिए नहीं कहतीं। सभी भुगतान कंपनी के आधिकारिक खाते में ही होते हैं।
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जांच-पड़ताल जरूर करें: किसी भी व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले कंपनी के स्थानीय या क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर जानकारी की पुष्टि करें।









