
48,000 करोड़ की महाठगी: पर्ल्स ग्रुप के पूर्व प्रमुख के दामाद को राहत नहीं, कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार
48000 करोड़ की महाठगी: पर्ल्स ग्रुप के पूर्व प्रमुख के दामाद को राहत नहीं, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने निवेशकों के साथ हुए 48000 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हरसतिंदर पाल सिंह हेयर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इस अपराध को गंभीर प्रकृति का बताते हुए आरोपी को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘यह एक सफेदपोश आर्थिक अपराध’
विशेष न्यायाधीश ने 25 जुलाई को दिए अपने आदेश में कहा कि यह मामला एक गंभीर सफेदपोश आर्थिक अपराध का है, जिसमें आरोपी ने भोले-भाले निवेशकों की मेहनत की कमाई का गबन किया है। अदालत ने टिप्पणी की कि आर्थिक अपराध देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालते हैं। कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया कि हेयर पर इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को नष्ट करने की कोशिश करने का भी आरोप है। अदालत ने माना कि भले ही मामले की सुनवाई में लंबा समय लग सकता है, लेकिन आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों और मामले में उसकी भूमिका को देखते हुए उसे जमानत पर रिहा करना उचित नहीं होगा।48000 करोड़ की महाठगी: पर्ल्स ग्रुप के पूर्व प्रमुख के दामाद को राहत नहीं
आरोपी की दलीलें हुईं खारिज
इससे पहले, हरसतिंदर सिंह हेयर की ओर से कोर्ट में दलील दी गई थी कि वह लगभग चार महीने से न्यायिक हिरासत में है और उसके खिलाफ जांच भी पूरी हो चुकी है। इसलिए उसे आगे हिरासत में रखने की कोई जरूरत नहीं है। हेयर के वकील ने यह भी तर्क दिया कि उनका मुवक्किल उन किसी भी कंपनी में निदेशक नहीं था, जिन्होंने निवेशकों से पैसा जुटाया था। वकील के अनुसार, हेयर को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों द्वारा अवैध रूप से निवेश कराया जा रहा है।48000 करोड़ की महाठगी: पर्ल्स ग्रुप के पूर्व प्रमुख के दामाद को राहत नहीं
कौन है हरसतिंदर पाल सिंह?
हरसतिंदर पाल सिंह हेयर, पर्ल्स ग्रुप (PACL लिमिटेड) के पूर्व प्रमुख निर्मल सिंह भंगू का दामाद है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसे इस साल 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। पीएसीएल लिमिटेड पर देश भर के लाखों निवेशकों से लगभग 48,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है, जिसे अब तक के सबसे बड़े पोंजी घोटालों में से एक माना जाता है।48000 करोड़ की महाठगी: पर्ल्स ग्रुप के पूर्व प्रमुख के दामाद को राहत नहीं



















