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जल जीवन मिशन में ‘काले’ कारनामे: कांकेर में भ्रष्टाचार की आशंका

PHE विभाग के ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार और 56% अधूरे काम, जांच की मांग

कांकेर: जल जीवन मिशन में ‘काले’ कारनामे: कांकेर में भ्रष्टाचार की आशंका. कांकेर जिले में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत चल रहे कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों की एक सूची मौजूद है, जो अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस सूची को कार्यालय जाकर सत्यापित करने के बाद जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत अब तक कितने काम पूरे हुए हैं और कितने अधूरे हैं, इसकी जानकारी के लिए विभाग के कार्यपालन अभियंता (E.E.) और अनुविभागीय अधिकारी (SDO) से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। बताया जा रहा है कि दिवाली के अवसर पर विभाग में “लिफाफे वाली” बड़ी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की गई, जिससे कई पत्रकार “गिफ्ट हैम्पर्स” से वंचित रह गए। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि पत्रकारों की सूची किसने दी थी।जल जीवन मिशन में ‘काले’ कारनामे

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ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों का मामला जल्द ही रायपुर के राजनीतिक गलियारों में गूंज सकता है। आरोप है कि तत्कालीन E.E. के दस्तावेज आज भी मंत्रालय में धूल फांक रहे हैं। इस संबंध में आरटीआई (RTI) आवेदन के माध्यम से कुछ दस्तावेज भी हाथ लगे हैं, जो इन आरोपों को बल देते हैं।जल जीवन मिशन में ‘काले’ कारनामे

जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये के कार्य शुरू हुए, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक केवल 56% कार्य ही पूरे हो पाए हैं। शेष कार्य आज भी कागजों में ही सिमटे हुए हैं। जमीनी हकीकत जानने के लिए मीडिया कर्मियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण करने की आवश्यकता है।जल जीवन मिशन में ‘काले’ कारनामे

भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों को फटकार लगाई थी, लेकिन बाद में मामला “मैनेज” हो गया। अब विभाग कार्यालय के बाहर जल्द ही प्रदर्शन होने की सुगबुगाहट है, यह देखना होगा कि इस प्रदर्शन में कितने लोग शामिल होते हैं।जल जीवन मिशन में ‘काले’ कारनामे

एक स्थानीय टिप्पणीकार अनुराग उपाध्याय ने कहा, “गलती पे सौ बार झुकेगा ये सर, बिना गलती के हम आंख भी नीचे ना करें।” यह पंक्ति वर्तमान स्थिति को बखूबी ब्याँ करती है, जहां पारदर्शिता और जवाबदेही की सख्त जरूरत है। अगर “मंत्री जी” विभाग के सचिव के साथ कनेक्ट होकर “नायक फिल्म” की तर्ज पर भ्रष्टाचार और घोटाले को मिटाने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई करें, तो निश्चित रूप से बदलाव आएगा।जल जीवन मिशन में ‘काले’ कारनामे

मामले की गंभीरता को देखते हुए, यह आवश्यक है कि इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि जल जीवन मिशन का उद्देश्य सही मायने में पूरा हो सके।जल जीवन मिशन में ‘काले’ कारनामे

Dr. Tarachand Chandrakar

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