
रायपुर : छत्तीसगढ़ की धरती उगलेगी सोना! महासमुंद में मिले 300 किलो से अधिक स्वर्ण भंडार, नीलामी की तैयारी. छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है! भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने महासमुंद जिले के करणखोल-राचपालपुर क्षेत्र में 302.1 किलोग्राम सोने और संबद्ध आधार धातुओं के विशाल भंडार का अनुमान लगाया है। करीब 150 हेक्टेयर में फैला यह क्षेत्र अब राज्य के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोल सकता है। इस महत्वपूर्ण स्वर्ण ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें देश-विदेश की कई नामी कंपनियों ने गहरी रुचि दिखाई है।
GSI सर्वेक्षण: 302 किलो सोने का अनुमान
केंद्र सरकार की एजेंसी एमएसटीसी (MSTC) के माध्यम से इस गोल्ड ब्लॉक की नीलामी की जा रही है। यह ब्लॉक महासमुंद जिले की बसना तहसील के करणखोल और राचपालपुर गांवों व आसपास के क्षेत्रों में स्थित है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इस क्षेत्र में G3 स्तर का अन्वेषण किया था, जिसके विस्तृत विश्लेषण से सोने की सांद्रता 0.06 से 0.24 भाग प्रति मिलियन (पीपीएम) पाई गई। विशेष रूप से, दो नमूनों में 0.1 पीपीएम से अधिक सोने की मात्रा दर्ज की गई है। सोने के साथ-साथ, इस क्षेत्र में अन्य महत्वपूर्ण आधार धातुओं के भी संकेत मिले हैं, जो इसकी आर्थिक क्षमता को और बढ़ाते हैं।छत्तीसगढ़ की धरती उगलेगी सोना! महासमुंद में मिले 300 किलो से अधिक स्वर्ण भंडार
राज्य के लिए आर्थिक विकास के नए अवसर
यह खनिज ब्लॉक छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सोने और आधार धातुओं के मिश्रित भंडार इस क्षेत्र को आर्थिक विकास के नए अवसर प्रदान कर सकते हैं, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह खोज निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।छत्तीसगढ़ की धरती उगलेगी सोना! महासमुंद में मिले 300 किलो से अधिक स्वर्ण भंडार
पांच अन्य खनिज ब्लॉकों की भी नीलामी
सोने के ब्लॉक के अलावा, खनिज विभाग कुल 5 अन्य ब्लॉकों के लिए भी नीलामी की प्रक्रिया कर रहा है। इनमें बलरामपुर जिले के धुलंगी, ओरंगा और रेवतीपुर क्षेत्र में 150 हेक्टेयर में बेस मेटल्स और एसोसिएट मिनरल्स के ब्लॉक शामिल हैं। इसके साथ ही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गोपालटोला क्षेत्र में लगभग 1,217 हेक्टेयर में आयरन ओर माइंस और कबीरधाम जिले के भीकुरिया-छंटा (399 हेक्टेयर) व जगमड़वा-हनाईबांध (304 हेक्टेयर) में लाइमस्टोन ब्लॉकों की भी नीलामी होनी है। यह समग्र नीलामी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करेगी और राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देगी।छत्तीसगढ़ की धरती उगलेगी सोना! महासमुंद में मिले 300 किलो से अधिक स्वर्ण भंडार













