छत्तीसगढ़ में कोरोना राहत राशि में 209 करोड़ का ‘महाघोटाला’? पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर की चिट्ठी से मचा हड़कंप!

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना राहत राशि में 209 करोड़ का ‘महाघोटाला’? जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी के खौफ में थी और लोग अपनों की जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब छत्तीसगढ़ में कथित तौर पर एक बड़े भ्रष्टाचार की पटकथा लिखी जा रही थी। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर कोरोना राहत राशि में 209 करोड़ रुपये के बंदरबांट का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय गृहमंत्री तक शिकायत पहुँच चुकी है, जिससे प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है।
आपदा को बनाया ‘अवसर’: केंद्र के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने का आरोप
ननकी राम कंवर का दावा है कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के तहत 209 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई थी। इस राशि का उद्देश्य कोरोना पीड़ितों की मदद करना और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना था।छत्तीसगढ़ में कोरोना राहत राशि में 209 करोड़ का ‘महाघोटाला’?
शिकायती पत्र के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 14 मार्च 2020, 23 सितंबर 2020 और 15 अप्रैल 2021 को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे कि इस पैसे को कहाँ और कैसे खर्च करना है। लेकिन आरोप है कि तत्कालीन सरकार के अधिकारियों और नेताओं ने इन नियमों को दरकिनार कर इस फंड का दुरुपयोग किया।छत्तीसगढ़ में कोरोना राहत राशि में 209 करोड़ का ‘महाघोटाला’?
सफेदपोशों और बड़े अधिकारियों पर केंद्रीय जांच की तलवार
पूर्व मंत्री ने सीधे तौर पर पीएमओ और गृह मंत्रालय के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि इस पूरे घोटाले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी (CBI या ED) से कराई जाए। उनका कहना है कि:
जांच होने पर कई बड़े ‘सफेदपोश’ नेताओं और रसूखदार अधिकारियों के चेहरे बेनकाब होंगे।
राजनीतिक रसूख के कारण कई नामजद आरोपी अब भी कार्रवाई से बचे हुए हैं।
भ्रष्टाचार का यह जाल स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर मेडिकल उपकरणों की खरीदी तक फैला हुआ है।
‘घोटालों का गढ़’ बनता छत्तीसगढ़? पुराने मामलों का दिया हवाला
ननकी राम कंवर ने अपने पत्र में याद दिलाया कि उन्होंने पूर्व में भी कई बड़े घोटालों का पर्दाफाश किया था, जिन पर केंद्रीय एजेंसियां पहले से ही कार्रवाई कर रही हैं। इनमें प्रमुख हैं:
CG PSC घोटाला (युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़)
कोयला लेवी घोटाला (करोड़ों की कमीशनखोरी)
महादेव सट्टा ऐप (ऑनलाइन धोखाधड़ी का बड़ा जाल)
शराब और DMF घोटाला
स्वास्थ्य विभाग में लैब और मशीन खरीदी में धांधली
कंवर का कहना है कि जैसे इन मामलों के आरोपी आज सलाखों के पीछे हैं, वैसे ही कोरोना घोटाले के दोषियों को भी सजा मिलनी चाहिए।छत्तीसगढ़ में कोरोना राहत राशि में 209 करोड़ का ‘महाघोटाला’?
जनता की गाढ़ी कमाई का हिसाब कब?
यह मामला अब केवल राजनीतिक नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की जनता की भावनाओं और उनके हक़ से जुड़ा है। महामारी के दौरान मिली आर्थिक सहायता का गबन करना एक अक्षम्य अपराध की श्रेणी में आता है। अब सबकी नजरें केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि क्या इस 209 करोड़ के ‘बंदरबांट’ का सच कभी सामने आ पाएगा?छत्तीसगढ़ में कोरोना राहत राशि में 209 करोड़ का ‘महाघोटाला’?
नोट: यह लेख प्राप्त जानकारी और आरोपों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य जनहित में सूचना साझा करना है।



















