Women Entrepreneurs in India: महिलाएं तोड़ रही हैं सदियों पुरानी बेड़ियाँ: पुरुष-प्रधान सेक्टर्स में 111% की भारी उछाल, जानें पूरी रिपोर्ट

Women Entrepreneurs in India: भारतीय व्यापार जगत में एक मौन क्रांति हो रही है। अब वह समय बीत गया जब महिलाओं का व्यापार सिर्फ सिलाई-कढ़ाई या ब्यूटी पार्लर तक सीमित था। आज की आधुनिक भारतीय महिला उन क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रही है, जिन्हें दशकों से ‘पुरुषों का गढ़’ माना जाता था। हालिया आंकड़ों के अनुसार, मार्च से नवंबर 2025 के बीच महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों में 111% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
छोटे शहरों की युवा महिलाएं संभाल रही हैं कमान
Women Entrepreneurs in India: इस बदलाव की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह तेजी दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के बिसरख, महाराष्ट्र के हरनूल और मध्य प्रदेश के इंदौर जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों की महिलाएं इस बदलाव का चेहरा बनी हैं।
Women Entrepreneurs in India: आंकड़ों की मानें तो 27 से 31 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएं सबसे ज्यादा नए बिजनेस शुरू कर रही हैं। यह वह उम्र है जहाँ महिलाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का बखूबी इस्तेमाल कर रही हैं और अपने कौशल को एक पेशेवर बिजनेस का रूप दे रही हैं।
इन 4 ‘मेल-डॉमिनेटेड’ सेक्टर्स में महिलाओं ने मारी बाजी
Women Entrepreneurs in India: महिलाएं अब केवल पारंपरिक व्यवसायों में नहीं, बल्कि तकनीकी और जटिल सेवाओं में भी अपनी जगह बना रही हैं:
टेक रिपेयरिंग: पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में अब महिलाएं मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर रिपेयरिंग के क्षेत्र में तेजी से उभर रही हैं।
अकाउंटिंग और टैक्स सर्विसेज: वित्तीय प्रबंधन और कंप्लायंस जैसे गंभीर कार्यों में युवा महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है।
नर्सिंग और पर्सनल केयर: मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में यह सेक्टर महिलाओं के नेतृत्व में एक संगठित बिजनेस का रूप ले रहा है।
माइक्रो-मैन्युफैक्चरिंग: सिलाई मशीन और छोटे स्तर के निर्माण कार्यों में अब महिलाएं डिजिटल अकाउंटिंग टूल्स का उपयोग कर रही हैं।
डिजिटल टूल्स: तरक्की का नया हथियार
Women Entrepreneurs in India: भारतीय महिला उद्यमियों की सफलता के पीछे डिजिटल क्रांति का बड़ा हाथ है। महिलाएं अब न केवल बिजनेस कर रही हैं, बल्कि डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशंस को भी तेजी से अपना रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं मुख्य रूप से तीन डिजिटल टूल्स का सबसे अधिक उपयोग कर रही हैं:
QR कोड पेमेंट: कैश पर निर्भरता खत्म करने के लिए छोटे व्यवसायों में QR कोड का उपयोग बढ़ा है।
डिजिटल बिल पेमेंट: वेंडर और यूटिलिटी बिलों के भुगतान के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने से उनकी वित्तीय साख (Creditworthiness) मजबूत हो रही है।
डेबिट कार्ड सेवाएं: रोजमर्रा के व्यावसायिक खर्चों पर नियंत्रण रखने के लिए महिला उद्यमी अब डिजिटल ट्रैकिंग और डेबिट सेवाओं का सहारा ले रही हैं।
क्यों बढ़ रहा है यह रुझान?
Women Entrepreneurs in India: इस संरचनात्मक बदलाव का मुख्य कारण महिलाओं की आर्थिक आजादी की चाहत और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की सुलभता है। घर और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ ‘फ्लेक्सिबल वर्क’ और ‘सोलो बिजनेस’ चलाने की सुविधा ने महिलाओं को प्रेरित किया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ रही है, बल्कि बैंकिंग और लोन जैसे वित्तीय उत्पादों तक उनकी पहुंच भी आसान हुई है।
Women Entrepreneurs in India: भारतीय उद्योग जगत की बदलती यह तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि आने वाला समय महिला उद्यमियों का है। डिजिटल साक्षरता और पारंपरिक बेड़ियों को तोड़ने के साहस ने भारत की नारी शक्ति को व्यापार की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।














