ईरान-इजरायल तनाव का असर: भारत में LPG सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव

ईरान-इजरायल तनाव का असर: भारत में LPG सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव, मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत में भी चिंता बढ़ा दी है। इस युद्ध की खबरों के बीच भारत के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत की अफवाहें उड़ने लगीं, जिससे गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। हालांकि, सरकार और गैस वितरकों ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बुकिंग को व्यवस्थित करने के लिए कुछ कड़े नियम लागू किए गए हैं।
शहरों और गांवों के लिए अलग-अलग ‘लॉक-इन’ पीरियड
ईरान-इजरायल तनाव का असर:गैस की कालाबाजारी रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नए नियमों के तहत अब एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरे की बुकिंग के लिए एक निश्चित अंतराल (Lock-in period) अनिवार्य कर दिया गया है:
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शहरी क्षेत्र: शहरों में रहने वाले उपभोक्ता अब कम से कम 25 दिनों के अंतराल के बाद ही अपना अगला डोमेस्टिक गैस सिलेंडर बुक कर पाएंगे।
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ग्रामीण क्षेत्र: गांवों और दूरदराज के इलाकों के लिए यह समय सीमा 45 दिन तय की गई है। यानी ग्रामीण उपभोक्ता एक सिलेंडर मिलने के 45 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर सकेंगे।
बुकिंग की समय सीमा में बार-बार बदलाव क्यों?
ईरान-इजरायल तनाव का असर:मिडिल ईस्ट में अस्थिरता शुरू होने के बाद से यह तीसरी बार है जब बुकिंग के अंतराल को बढ़ाया गया है।
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सबसे पहले 6 मार्च को यह अंतराल 21 दिन तय किया गया था।
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इसके बाद इसे बढ़ाकर 25 दिन किया गया।
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हालिया स्थिति को देखते हुए, 12 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए इसे बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है।
क्या वास्तव में है गैस की किल्लत?
ईरान-इजरायल तनाव का असर:गैस वितरक एजेंसियों का कहना है कि वर्तमान में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में एक औसत परिवार साल भर में लगभग 5 सिलेंडरों का उपयोग करता है, इसलिए 45 दिनों का अंतराल वहां के आम उपभोक्ताओं को प्रभावित नहीं करेगा।
अफवाहों से बचें और पैनिक बुकिंग न करें
ईरान-इजरायल तनाव का असर:शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों का मुख्य कारण युद्ध के चलते दाम बढ़ने या सप्लाई रुकने की आशंका है। इसी डर से लोग समय से पहले एडवांस बुकिंग करने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पैनिक बुकिंग के कारण ही कृत्रिम किल्लत जैसी स्थिति पैदा होती है। फिलहाल सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।









