
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए रेंजर और डिप्टी रेंजर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार की यह कार्रवाई रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव के खिलाफ की गई है, जिन्हें 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: मिली जानकारी के अनुसार, लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने इस मामले की शिकायत एसीबी से की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह कुछ समय पहले अपने दोस्तों के साथ सुरही रेंज में घूमने गया था, जहाँ उन्होंने एक रील (Social Media Reel) बनाई थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की थी। विभाग ने न केवल उनका वाहन जब्त किया, बल्कि संबंधित लोगों को जेल भी जाना पड़ा था।
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: जेल से रिहा होने के बाद जब शिकायतकर्ता ने अपना वाहन छुड़ाने और चालान की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया, तो उनसे मोटी रकम की मांग की गई।
70 हजार की मांग और रेंजर की संलिप्तता
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने वाहन छोड़ने के एवज में 70,000 रुपये की मांग की थी। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को डराया गया कि कानूनी प्रक्रिया में 4 से 5 लाख रुपये का खर्च आएगा। इस भ्रष्टाचार के खेल में रेंजर पल्लव नायक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिन्होंने रिश्वत के लिए दबाव बनाया था।
ACB ने बिछाया जाल, रंगे हाथ पकड़े गए घूसखोर
शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता को रिश्वत की पहली किश्त (50,000 रुपये) लेकर कोटा स्थित एक रेस्टोरेंट में भेजा गया। जैसे ही डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने रिश्वत की राशि पकड़ी, वहां सादे लिबास में तैनात एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। मौके पर मौजूद रेंजर पल्लव नायक को भी हिरासत में लिया गया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: एसीबी की टीम ने आरोपित मनीष श्रीवास्तव के पास से रिश्वत के 50,000 रुपये बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अचानक हुई कार्रवाई से वन विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
एसीबी बिलासपुर की 45वीं बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: एसीबी ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में एसीबी बिलासपुर द्वारा की गई यह 45वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है। प्रशासन की इस सक्रियता से भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।









