
भिलाई में सनसनी: छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित स्मृति नगर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी (कोहका) में एक 42 वर्षीय व्यक्ति का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान मोहन कुमार रामटेके के रूप में हुई है। हालांकि, यह मामला केवल आत्महत्या का नहीं लग रहा है; घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट और मृतक के शरीर पर मिले चोट के निशानों ने पुलिस की जांच को एक नई दिशा दे दी है।
सुसाइड नोट में सट्टा और ब्लैकमेलिंग का चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में मृतक ने दो व्यक्तियों—राजू पाल और सोनिया गोस्वामी—पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट के अनुसार, ये दोनों खुद को रसूखदार कांग्रेस नेता बताते थे और पुलिस में अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर मोहन को डराते थे।
आरोप है कि मोहन को सट्टा संचालन के जाल में फंसाकर उससे एक लाख रुपये की मोटी रकम मांगी जा रही थी। पैसे न देने पर उसे झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। सुसाइड नोट में मोहन ने भावुक होते हुए लिखा है कि पुलिस प्रशासन इन “सफेदपोश” अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करे जो आम जनता को अपने फायदे के लिए मोहरा बनाते हैं।
परिजनों का दावा: यह आत्महत्या नहीं, सोची-समझी हत्या है
भिलाई में सनसनी:इस मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक के भाई ने मोहन के शरीर का निरीक्षण किया। परिजनों का आरोप है कि मोहन के सिर और नाक पर चोट के गहरे निशान हैं। उनका सवाल है कि यदि यह सामान्य आत्महत्या होती, तो शरीर पर संघर्ष या चोट के ये निशान कैसे आए? परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इसे हत्या का मामला बताया है।
घटना के समय घर पर अकेला था मोहन
जानकारी के मुताबिक, मोहन रामटेके पेशे से पेंटर था और पिछले तीन महीनों से इस कॉलोनी में किराए पर रह रहा था। घटना वाले दिन उसकी मां का अस्पताल में ऑपरेशन होना था, जिसके कारण परिवार के सभी सदस्य अस्पताल में ही थे। शनिवार की सुबह जब मोहन की पत्नी घर पहुंची और दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो पड़ोसियों की मदद से गेट खोला गया। अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए।
पुलिस की कार्रवाई और पीएम रिपोर्ट का इंतजार
भिलाई में सनसनी:छावनी सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में जिन नामों का उल्लेख है, उनकी जांच की जा रही है।
भिलाई में सनसनी:सीएसपी ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह (दम घुटने से या चोट के कारण) साफ हो पाएगी। फिलहाल, पुलिस सुसाइड नोट में नामित राजू पाल और सोनिया गोस्वामी की तलाश में जुटी है और उनके राजनीतिक संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।
न्याय की गुहार: ‘बिना किसी दबाव के हो फैसला’
मृतक ने अपने सुसाइड नोट के अंत में पुलिस प्रशासन से मार्मिक अपील की है। उसने लिखा है कि पुलिसकर्मी किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना निष्पक्ष न्याय करें। मोहन ने लिखा, “पुलिसकर्मी फैसला लेने से पहले अपने परिवार के बारे में सोचें कि अगर उनके साथ ऐसा होता तो क्या बीतती।”
भिलाई की यह घटना राजनीतिक रसूख और अपराध के गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह है कि पुलिस इन “कथित” नेताओं पर क्या कार्रवाई करती है।



















