HTC ट्रांसपोर्ट कंपनी को GST की 10 करोड़ रिकवरी नोटिस, संचालक तलब

छत्तीसगढ़ स्टेट जीएसटी ने भिलाई की HTC ट्रांसपोर्ट कंपनी को 10 करोड़ रुपए की रिकवरी नोटिस भेजा है। बोगस बिलिंग और गलत ITC के आरोपों की जांच जारी, संचालक से दस्तावेज तलब।
छत्तीसगढ़ में स्टेट जीएसटी विभाग ने एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। भिलाई स्थित हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) को विभाग ने 10 करोड़ रुपए की टैक्स रिकवरी का नोटिस थमाया है। यह कार्रवाई अगस्त महीने में कंपनी के ठिकानों पर हुई तलाशी के बाद सामने आई कथित अनियमितताओं के आधार पर की गई है।

जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी के रिकॉर्ड में बोगस बिलिंग, टैक्स चोरी और गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने जैसी गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। नोटिस के जरिए कंपनी के संचालक इंद्रजीत सिंह को दस्तावेजी साक्ष्य के साथ विभाग के सामने पेश होने को कहा गया है।
11 दिन बीत जाने के बावजूद कंपनी की ओर से अब तक जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए गए हैं, जिससे मामला और गंभीर होता जा रहा है।

भिलाई और बलौदाबाजार में हुई थी छापेमारी
स्टेट जीएसटी दुर्ग की टीम ने 24 और 25 अगस्त को दो दिन लगातार कार्रवाई की थी।
- पहले दिन भिलाई के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित HTC के कार्यालय में तलाशी ली गई।
- दूसरे दिन टीम बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड पहुंची और वहां भी दस्तावेज खंगाले गए।
इस दौरान अधिकारियों को कंपनी के लेनदेन में कई विसंगतियां मिलने की बात कही जा रही है, जिसके बाद जरूरी रिकॉर्ड जब्त कर जांच शुरू की गई।

जांच में क्या-क्या सामने आया?
जीएसटी अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों में निम्न बिंदुओं पर संदेह जताया गया है:
- बोगस बिलिंग के जरिए कारोबार दिखाने के इनपुट
- नकद (कच्चे) में लेनदेन की आशंका
- कंपनी को जानबूझकर नुकसान में दिखाकर आय छिपाने के प्रयास
- गलत आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करना
यह सभी बिंदु अभी जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही सामने आएगा।
पांच साल के रिकॉर्ड की पड़ताल
जांच टीम ने सिर्फ हाल के लेनदेन तक सीमित न रहते हुए कंपनी के पिछले पांच वर्षों के कारोबारी रिकॉर्ड को खंगाला है। इसमें खास तौर पर ट्रकों की खरीद और बिक्री से जुड़े सौदों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों को शक है कि कुछ मामलों में ऐसी मदों पर भी जीएसटी वसूला गया, जहां टैक्स देय ही नहीं था। साथ ही, ग्राहकों से वसूले गए टैक्स को सरकारी खजाने में जमा न करने से जुड़े मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।
तीन फर्मों के लेनदेन में मिलीं अनियमितताएं
जांच के दौरान एक अहम पहलू यह भी सामने आया कि कंपनी से जुड़ी तीन अलग-अलग फर्मों के दस्तावेजों में भी गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि असल कारोबार को छिपाने के लिए अलग-अलग फर्मों में हिसाब-किताब बांटा गया हो सकता है। यही वजह रही कि टीम को एक ही तलाशी अभियान में दो दिन और दो अलग-अलग शहरों में जाना पड़ा।
कितना बड़ा है कंपनी का कारोबार?
HTC ट्रांसपोर्ट कंपनी छत्तीसगढ़ की प्रमुख परिवहन कंपनियों में गिनी जाती है।
- सालाना टर्नओवर: लगभग 170 करोड़ रुपए
- कुल ट्रक: करीब 1500
- इनमें से कंपनी के अपने ट्रक: लगभग 500
- अटैच (जुड़े हुए) ट्रक: लगभग 1000
रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी के अधिकांश ट्रक भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े परिवहन कार्यों और आसपास की खदानों में परिचालन के काम में लगे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को देखते हुए ही जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल गेंद कंपनी के पाले में है। विभाग ने संचालक को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज पेश करने का मौका दिया है।
- यदि कंपनी तय समय में दस्तावेज पेश नहीं करती, तो विभाग आगे की कार्रवाई बढ़ा सकता है।
- दस्तावेज मिलने के बाद अधिकारी सभी लेनदेन का बारीकी से परीक्षण करेंगे।
- जांच में अनियमितता साबित होने पर मूल टैक्स के साथ ब्याज और पेनाल्टी भी वसूली जा सकती है।
अभी यह मामला जांच के शुरुआती दौर में है और अधिकारियों की ओर से अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। किसी भी व्यक्ति या कंपनी पर अंतिम रूप से टैक्स चोरी का आरोप तभी माना जाएगा जब जांच में यह पूरी तरह पुष्ट हो जाए।









