डीएफओ परदेशी की दबंगई पर प्रशासन मौन, कर्मचारियों में आक्रोश

दुर्ग: दुर्ग वन मंडल के डीएफओ परदेशी के खिलाफ लगातार भेदभाव और दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन अब तक खामोश है। हाल ही में महिला कर्मचारी के रंग-रूप पर अपमानजनक टिप्पणी और एक वरिष्ठ अधिकारी को सार्वजनिक रूप से गालियां देने का मामला सामने आया है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। डीएफओ परदेशी की दबंगई पर प्रशासन मौन, कर्मचारियों में आक्रोश
CCF की संदिग्ध भूमिका – क्या मिल रहा है संरक्षण?
✅ डीएफओ परदेशी पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
✅ सूत्रों के मुताबिक, CCF मैच्चियों उन्हें खुलकर बचाने में लगे हुए हैं।
✅ RTI से खुलासा हुआ है कि CCF ने परदेशी की गलतियों को छिपाने के लिए कागजी हेरफेर किया।
✅ क्या ऊँचे पद पर होने के कारण परदेशी को संरक्षण मिल रहा है? डीएफओ परदेशी की दबंगई पर प्रशासन मौन, कर्मचारियों में आक्रोश
प्रशासन की चुप्पी – आखिर क्यों?
? कर्मचारियों की शिकायतों को अनदेखा करना क्या विभागीय मिलीभगत का संकेत है?
? क्या सरकार सिर्फ उच्च पदस्थ अधिकारियों की रक्षा के लिए काम कर रही है?
? कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा कौन करेगा?
सरकार कब लेगी संज्ञान?
? यदि समय रहते डीएफओ परदेशी पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साबित हो जाएगा कि शासन सिर्फ कागजी कार्रवाई में उलझा है।
? कर्मचारियों का आक्रोश किसी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
? वन विभाग की निष्पक्षता और प्रशासन की साख कटघरे में खड़ी है। डीएफओ परदेशी की दबंगई पर प्रशासन मौन, कर्मचारियों में आक्रोश



















