बेमेतरा

बड़ा घोटाला उजागर: 80 हजार का आरओ पौने चार लाख में खरीदा, अब लीपापोती का खेल शुरू

शिक्षा विभाग में खनिज मद से हुई खरीदी पर उठे सवाल, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

बेमेतरा : बेमेतरा जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में खनिज मद से की गई आरओ खरीद पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि खुले बाजार में लगभग 80 हजार रुपये में मिलने वाले आरओ को जेम पोर्टल के माध्यम से पौने चार लाख रुपये प्रति नग की दर से खरीदा गया है। इस खरीद में कुल 21 नग आरओ के लिए 78 लाख 66 हजार 600 रुपये का भुगतान एक फर्म को किया गया। तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने स्वयं की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित कर यह खरीद की थी।

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जेम पोर्टल से खरीदी के बाद जब आरओ स्कूलों में पहुंचे, तो कई जगह जल संकट और कनेक्शन की कमी के कारण वे चालू ही नहीं हो सके। इस खरीद की उपयोगिता और लागत की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।बड़ा घोटाला उजागर: 80 हजार का आरओ पौने चार लाख में खरीदा

मामले के संज्ञान में आने पर कलेक्टर ने भौतिक सत्यापन कराया। जांच के बाद अब विभाग ने आपूर्तिकर्ता से अतिरिक्त राशि की वसूली के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चतुर्वेदी ने बताया कि उनके आने से पहले यह खरीद की गई थी और आपूर्तिकर्ता को लगभग 23 लाख रुपये जमा करने के लिए पत्र व स्मरण पत्र भेजा गया है।बड़ा घोटाला उजागर: 80 हजार का आरओ पौने चार लाख में खरीदा

इस पूरे मामले में कई सवाल उठ रहे हैं:

  • जब शिक्षण व्यवस्था खुद संकट में थी, तब क्या बच्चों की पढ़ाई ज्यादा जरूरी थी या फिर आरओ खरीदना?

  • आरओ की मांग आखिर किन स्कूलों से आई थी?

  • भुगतान से पहले भौतिक सत्यापन क्यों नहीं हुआ?

  • क्या जेम पोर्टल के नाम पर कोई “गेम” खेला गया है?

वहीं, जिले के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एलकेजी और यूकेजी के लगभग 276 बच्चों के शिक्षकों का वेतन अब तक खनिज मद से दिया जा रहा था। भुगतान संकट के कारण इन शिक्षकों को विदाई पत्र थमा दिया गया है। शिक्षाविदों का कहना है कि इन कक्षाओं के लिए न तो राज्य सरकार के पास कोई वैध पाठ्यक्रम है, न ही वैधानिक मान्यता। ऐसे में जब शिक्षा का भविष्य ही अनिश्चित है, तब आरओ की महंगी खरीद और भी सवालों के घेरे में आ जाती है।बड़ा घोटाला उजागर: 80 हजार का आरओ पौने चार लाख में खरीदा

यह मामला सरकारी खरीद में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।बड़ा घोटाला उजागर: 80 हजार का आरओ पौने चार लाख में खरीदा

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