LIVE UPDATE
व्यापार

ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश गुजरात तक: मोरबी का सिरेमिक उद्योग ठप, लाखों मजदूरों का पलायन शुरू

ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश गुजरात तक:मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक, गुजरात के मोरबी सिरेमिक उद्योग पर दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव ने भारत में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है, जिसके परिणामस्वरूप मोरबी की सैकड़ों फैक्ट्रियों में उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया है।

ईंधन संकट: क्यों बुझ रही हैं मोरबी की भट्टियां?

भारत अपनी गैस जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है।

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!
ये खबर भी पढ़ें…
चांदी 4.10 लाख से 2 लाख रुपये किलो पर, रायपुर सराफा बाजार में चिंता
चांदी 4.10 लाख से 2 लाख रुपये किलो पर, रायपुर सराफा बाजार में चिंता
October 24, 2026
जनवरी 2026 में 4.10 लाख रुपये किलो के रिकॉर्ड पर पहुंची चांदी अब करीब 2 लाख पर है। रायपुर के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

  • प्रोपेन की कमी: मोरबी की लगभग 60% इकाइयां प्रोपेन गैस का उपयोग करती हैं, जिसकी आपूर्ति रुक गई है।

  • महंगी नेचुरल गैस: विकल्प के तौर पर मौजूद नेचुरल गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। नए कनेक्शन के लिए 93 रुपये प्रति किलो तक चुकाने पड़ रहे हैं, जो छोटे और मध्यम उद्यमियों के बजट से बाहर है।

    ये खबर भी पढ़ें…
    Jio Platforms IPO: 21.35% प्रीमियम पर लिस्टिंग, कई रिकॉर्ड बने
    Jio Platforms IPO: 21.35% प्रीमियम पर लिस्टिंग, कई रिकॉर्ड बने
    October 28, 2026
    जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,188 करोड़ रुपये के आईपीओ ने कई रिकॉर्ड बनाए। शेयर 21.35% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ और मार्केट...
    Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

600 में से 450 फैक्ट्रियों पर लटका ताला

ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश गुजरात तक:मोरबी भारत के कुल सिरेमिक उत्पादन का लगभग 80% हिस्सा कवर करता है। टाइल्स से लेकर सैनिटरीवेयर तक, यहाँ का सालाना कारोबार करीब 6 अरब डॉलर का है। लेकिन वर्तमान स्थिति भयावह है:

  1. करीब 450 फैक्ट्रियां अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गई हैं।

    ये खबर भी पढ़ें…
    धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदने के 5 तरीके: फिजिकल गोल्ड, गोल्ड ETF-म्यूचुअल फंड, डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और EGR। जानें खर्च, जोखिम और शर्तें।
    धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदने के 5 तरीके: फिजिकल गोल्ड, गोल्ड ETF-म्यूचुअल फंड, डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और EGR। जानें खर्च, जोखिम और शर्तें।
    October 29, 2026
    धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना भारतीय परिवारों की पुरानी परंपरा है। अब यह खरीदारी सिर्फ गहनों, सिक्कों या बिस्किट...
    Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

  2. सिर्फ 100-150 यूनिट्स जैसे-तैसे काम कर रही हैं, जिनमें उत्पादन क्षमता बहुत कम है।

  3. एसोसिएशन के मुताबिक, अगले 15-20 दिनों तक सुधार की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

यूपी, बिहार और गुजरात के मजदूरों का ‘रिवर्स माइग्रेशन’

इस औद्योगिक मंदी की सबसे बड़ी मार उन 4 लाख मजदूरों पर पड़ी है, जो अपनी मेहनत से इस शहर को सींचते हैं। बेरोजगारी के डर ने मजदूरों को एक बार फिर कोविड काल की याद दिला दी है।

  • हजारों मजदूर यूपी और बिहार के अपने गांवों की ओर लौटने लगे हैं।

  • काम छिनने के साथ ही मजदूरों के सामने रहने और खाने का संकट खड़ा हो गया है।

  • कंपनियों द्वारा पहचान पत्र या आधिकारिक दस्तावेज न दिए जाने के कारण, ये मजदूर किसी भी सरकारी लाभ या मुआवजे से वंचित रह जाते हैं।

स्वास्थ्य का दोहरा संकट: ‘सिलिकोसिस’ का कहर

ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश गुजरात तक:आर्थिक तंगी के बीच, मोरबी के मजदूरों को एक और जानलेवा दुश्मन का सामना करना पड़ रहा है—सिलिकोसिस। सिरेमिक फैक्ट्रियों में उड़ने वाली सिलिका धूल फेफड़ों की गंभीर बीमारी का कारण बनती है।

  • वेंटिलेशन की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण मशीन पर काम करने वालों के साथ-साथ अन्य कर्मचारी भी इसकी चपेट में हैं।

  • कार्यकर्ताओं का दावा है कि सुरक्षा नियमों के अभाव में हर साल कई मजदूर इस बीमारी के कारण दम तोड़ देते हैं।

अनिश्चित भविष्य की ओर मोरबी

ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश गुजरात तक:एक तरफ अंतरराष्ट्रीय युद्ध की राजनीति है और दूसरी तरफ भारत के छोटे शहरों में भूख से लड़ता आम आदमी। मोरबी का यह संकट केवल एक उद्योग का बंद होना नहीं है, बल्कि उन लाखों परिवारों की उम्मीदों का टूटना है जो बेहतर भविष्य के सपने लेकर यहाँ आए थे। जब तक मिडिल ईस्ट में शांति और गैस की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, मोरबी की इन भट्टियों का फिर से दहकना मुश्किल नजर आता है।

Pooja Chandrakar

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE