CBSE का बड़ा बदलाव: अब छात्रों की होगी 360° रिपोर्टिंग, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड इस साल से लागू

CBSE का बड़ा बदलाव: अब छात्रों की होगी 360° रिपोर्टिंग, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड इस साल से लागू
परीक्षा का तनाव कम और छात्रों के समग्र विकास पर ज़ोर, एआई आधारित प्लेटफॉर्म से ट्रैक होगी हर प्रगति
रायपुर (शिक्षा संवाददाता): CBSE का बड़ा बदलाव: अब छात्रों की होगी 360° रिपोर्टिंग, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (Holistic Progress Card – HPC) को इस शैक्षणिक सत्र से लागू कर दिया है। छत्तीसगढ़ समेत देशभर के CBSE स्कूलों में इसकी शुरुआत हो चुकी है, जहां छात्रों का मूल्यांकन अब केवल अकादमिक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यक्तित्व विकास, व्यवहार, खेलकूद, जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों पर भी जोर दिया जाएगा।
क्या है होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड?
होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) एक 360-डिग्री मूल्यांकन प्रणाली है जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों के पूर्ण विकास को ट्रैक करना है। स्कूलों में AI-सक्षम प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह मूल्यांकन डिजिटल रूप से किया जाएगा।CBSE का बड़ा बदलाव: अब छात्रों की होगी 360° रिपोर्टिंग
HPC की 5 बड़ी खासियतें:
✅ 1. परीक्षा के तनाव में कमी
छात्रों को केवल अंकों के आधार पर नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया, प्रयास और व्यवहार के आधार पर भी मूल्यांकित किया जाएगा।
✅ 2. समग्र विकास पर ज़ोर
पढ़ाई के साथ-साथ कला, खेल, नैतिकता और रचनात्मकता को भी रिपोर्ट कार्ड में जगह मिलेगी।
✅ 3. निरंतर फीडबैक सिस्टम
छात्रों को शिक्षक, अभिभावक और सहपाठियों से नियमित प्रतिक्रिया मिलेगी, जिससे वे समय रहते सुधार कर सकें।
✅ 4. आत्म-विश्लेषण को बढ़ावा
यह प्रणाली छात्रों को खुद के प्रदर्शन को समझने और स्व-मूल्यांकन करने की प्रेरणा देती है।
✅ 5. शिक्षक-अभिभावक संवाद बेहतर होगा
अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सार्थक संवाद से बच्चों की शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
स्कूलों में शुरू हुआ लागू करना, मिल रही ट्रेनिंग
रायपुर के कई CBSE स्कूल जैसे होलीहार्ट स्कूल में नर्सरी से कक्षा 5वीं तक के छात्रों के लिए HPC लागू कर दिया गया है।
CBSE का “Centre of Excellence” विभाग शिक्षकों के लिए लगातार ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रेनिंग आयोजित कर रहा है, ताकि वे इस नई प्रणाली को प्रभावी ढंग से अपना सकें।CBSE का बड़ा बदलाव: अब छात्रों की होगी 360° रिपोर्टिंग
डिजिटल और डेटा आधारित मूल्यांकन
पहले शिक्षकों को मूल्यांकन के बाद पूरी जानकारी हैंड रजिस्टर में भरनी पड़ती थी, लेकिन अब एआई आधारित प्लेटफॉर्म पर डेटा ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। यह डेटा भविष्य में शिक्षा नीति में सुधार के लिए भी उपयोग किया जाएगा।CBSE का बड़ा बदलाव: अब छात्रों की होगी 360° रिपोर्टिंग
शिक्षा विशेषज्ञों की राय
शिक्षाविदों का मानना है कि यह कदम छात्रों को मात्र परीक्षा पास करने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है।v



















