गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप

लिमिटेड टेंडर का खेल, अनलिमिटेड भ्रष्टाचार!
गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मामला उजागर हुआ है। विशेष सूत्रों के अनुसार, एसईसीएल (SECL) के सीजीएम एसके मोहंती ने अपने पसंदीदा ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए 89.61 लाख रुपये का ठेका जारी किया। यह ठेका वर्षा ऋतु के दौरान तालाब डिसेटिंग और मिट्टी हटाने के लिए दिया गया, जबकि इस कार्य को गर्मियों में किया जाना चाहिए था। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप
सीबीआई और ईडी से जांच की मांग
सूत्रों का दावा है कि इस प्रकार के कई लिमिटेड टेंडर 2023-2024 के बीच जारी किए गए, जिससे लाखों-करोड़ों रुपये का गबन हुआ। इस घोटाले की परतें खोलने के लिए सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गहन जांच की मांग उठ रही है। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप
ओपन टेंडर से लागत होती आधी!
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह ठेका ओपन टेंडर के माध्यम से जारी किया जाता, तो कार्य मात्र 45-50 लाख रुपये में पूरा हो सकता था। लेकिन सीजीएम एसके मोहंती ने मनमानी करते हुए अपने प्रिय ठेकेदार को 89.61 लाख रुपये का टेंडर जारी कर दिया। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप
20 से अधिक वर्षों से एक ही क्षेत्र में तैनाती, संदेह गहराया!
एसके मोहंती पिछले 20-25 वर्षों से गेवरा, कुसमुंडा और दीपका क्षेत्रों में तैनात हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उन्हें सिर्फ यही क्षेत्र क्यों पसंद हैं? जानकारों का मानना है कि इस क्षेत्र में कोई राजनीतिक दबाव नहीं है, ठेकेदारों से मिलीभगत आसानी से की जा सकती है, और भ्रष्टाचार बिना किसी रोक-टोक के जारी रहता है। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप
27 सितंबर 2024 को होगा नया टेंडर ओपन, फिर होगा खेल?
सूत्रों के अनुसार, 27.09.2024 को एक और मिट्टी कटिंग का टेंडर ओपन होने वाला है, जिसकी अनुमानित लागत 20 लाख रुपये तय की गई है। अब देखना यह होगा कि इस बार भी एसके मोहंती अपने खास ठेकेदार को लाभ पहुंचाते हैं या नहीं। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप
तालाब सफाई का ठेका – फर्जीवाड़े का बड़ा सबूत?
इस घोटाले का एक और बड़ा सबूत सामने आया है। 8 जुलाई 2024 को 89.61 लाख का ठेका जारी किया गया, लेकिन आज तक ठेकेदार ने कोई काम नहीं किया।
- यह कार्य गर्मी के मौसम में किया जाना चाहिए था, ताकि पानी कम हो और सफाई आसानी से की जा सके।
- वर्षा ऋतु में जब तालाब पानी से भरा होता है, तो न तो मशीनें अंदर जा सकती हैं और न ही डंपर।
- संभावना है कि सिर्फ औपचारिकता निभाकर इस ठेके की राशि ठेकेदार और अधिकारियों में बांट ली गई। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप
खदान में पानी घुसने का जिम्मेदार कौन?
वर्षा ऋतु में गेवरा कोल प्रोजेक्ट की खदान में खेतों से पानी भर गया। जानकारों के अनुसार, सीजीएम एसके मोहंती की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। समय पर जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, जिससे कोल प्रोजेक्ट को भारी नुकसान हुआ। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप
भ्रष्टाचार परत-दर-परत खुलेगा!
यह सिर्फ एक मामला नहीं है, बल्कि ऐसे कई और घोटाले सामने आ सकते हैं। एसके मोहंती की तैनाती वाले सभी क्षेत्रों में हुई गड़बड़ियों की जांच होनी चाहिए। अगर केंद्रीय एजेंसियां जांच करें, तो यह कोल इंडिया के सबसे बड़े भ्रष्टाचार घोटालों में से एक साबित हो सकता है। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप
अब क्या होगा आगे?
- सीबीआई और ईडी को इस घोटाले की जांच करनी चाहिए।
- ओपन टेंडर प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
- भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे घोटाले रोके जा सकें। गेवरा ओपन कोल परियोजना में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, सीजीएम एसके मोहंती पर गंभीर आरोप


















