Chhattisgarh Administrative Action: छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई, ड्राइवर को गाली देने वाले EE शशांक सिंह सस्पेंड, वायरल ऑडियो पर एक्शन
छत्तीसगढ़ के जांजगीर में ड्राइवर से गाली-गलौज और सीनियर अधिकारियों पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले जल संसाधन विभाग के EE शशांक सिंह को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें।

Chhattisgarh Administrative Action: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) के एक बड़े अधिकारी पर गाज गिराई है। जांजगीर-चांपा में पदस्थ कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer – EE) शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके और उनके शासकीय ड्राइवर के बीच हुई एक अमर्यादित बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला? (The Viral Audio Incident)
Chhattisgarh Administrative Action: यह पूरा विवाद 12 मई 2026 को शुरू हुआ, जब हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर में पदस्थ EE शशांक सिंह और उनके वाहन चालक शशिकांत साहू के बीच फोन पर बातचीत हुई।
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गाली-गलौज और अभद्र भाषा: बातचीत के दौरान कार्यपालन अभियंता ने अपने अधीनस्थ ड्राइवर के साथ अत्यंत आपत्तिजनक और अभद्र शब्दों का प्रयोग किया।
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वरिष्ठ अधिकारियों पर टिप्पणी: वायरल ऑडियो क्लिप में इंजीनियर ने न सिर्फ ड्राइवर को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि जिले के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स (Senior Administrative Officers) के खिलाफ भी अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणियां कीं।
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सोशल मीडिया पर हुआ वायरल: यह ऑडियो क्लिप 13 मई 2026 को सोशल मीडिया और मुख्यधारा की मीडिया में तेजी से वायरल हो गया, जिससे प्रशासन की छवि को काफी धक्का लगा।
जांच के बाद निलंबन का आदेश जारी (Investigation & Suspension Order)
Chhattisgarh Administrative Action: मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा की रिपोर्ट पर तुरंत एक्शन लिया गया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर जांच रिपोर्ट तैयार की।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर, जल संसाधन विभाग के उप सचिव रवीन्द्र कुमार मेढेकर के हस्ताक्षर से निलंबन का ऑफिशियल ऑर्डर (Official Suspension Order) जारी कर दिया गया।
सरकारी आदेश के मुख्य बिंदु:
शशांक सिंह को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत कदाचरण (Misconduct) का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।
उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत तुरंत सस्पेंड किया जाता है।
नवा रायपुर अटैच, मिलेगा सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता
Chhattisgarh Administrative Action: निलंबन की अवधि के दौरान शशांक सिंह का मुख्यालय बदल दिया गया है। अब उन्हें:
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रायपुर स्थित कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर में अटैच किया गया है।
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सस्पेंशन पीरियड के दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) पाने की पात्रता होगी।
प्रशासनिक छवि सुधारने की कोशिश
Chhattisgarh Administrative Action: विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस त्वरित कार्रवाई से राज्य शासन ने अपने अधिकारियों को एक कड़ा संदेश दिया है। सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों से अपने मातहतों (Subordinates) और सहकर्मियों के साथ मर्यादित आचरण की उम्मीद की जाती है। इस तरह के सख्त कदम से जनता में प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन के प्रति भरोसा मजबूत होता है।









