Chhattisgarh New DGP : अरुणदेव गौतम बने छत्तीसगढ़ के नए स्थायी DGP

Chhattisgarh New DGP : छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में पिछले 15 महीनों से चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने सीनियर आईपीएस अधिकारी Arun Dev Gautam (1992 Batch IPS) को प्रदेश का नया स्थायी डीजीपी (Permanent DGP) नियुक्त कर दिया है।
आपको बता दें कि अरुणदेव गौतम पिछले कई महीनों से कार्यवाहक डीजीपी (Acting DGP) के रूप में पुलिस विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब राज्य सरकार ने उनकी स्थायी नियुक्ति का आधिकारिक आदेश (official order) जारी कर दिया है।
UPSC की सख्ती और Supreme Court के निर्देश के बाद फैसला
Chhattisgarh New DGP : छत्तीसगढ़ में रेगुलर DGP की नियुक्ति को लेकर पिछले काफी समय से सवाल उठ रहे थे। Union Public Service Commission (UPSC) ने भी इस मामले में राज्य सरकार से जवाब-तलब किया था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के मुताबिक किसी भी राज्य में लंबे समय तक ‘कार्यवाहक डीजीपी’ की व्यवस्था नहीं रखी जा सकती।
Chhattisgarh New DGP : सुप्रीम कोर्ट ने ‘टी. धंगोपल राव बनाम UPSC’ मामले की सुनवाई के दौरान राज्यों में DGP नियुक्ति में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसी कानूनी सख्ती के बीच UPSC ने छत्तीसगढ़ सरकार को दो सीनियर आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था, जिसमें अरुणदेव गौतम और हिमांश गुप्ता का नाम शामिल था। आखिरकार, अनुभव और सीनियरिटी के आधार पर सरकार ने अरुणदेव गौतम के नाम पर फाइनल मुहर लगा दी।
Arun Dev Gautam का सफर: UP से छत्तीसगढ़ तक का सफर
Chhattisgarh New DGP : मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अरुणदेव गौतम का अकादमिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है:
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Education: उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और फिर JNU से इंटरनेशनल लॉ में M.Phil की डिग्री ली।
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Career Start: 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौतम ने अपने करियर की शुरुआत एमपी (MP) कैडर से की थी, लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद उन्होंने सीजी कैडर चुना।
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Field Experience: उन्होंने रायगढ़, जशपुर, कोरिया, सरगुजा, राजनांदगांव और बिलासपुर जैसे कई बड़े और संवेदनशील जिलों में बतौर एसपी (SP) बेहतरीन सेवाएं दी हैं।
नक्सल मोर्चे पर धाकड़ रणनीति है इनकी सबसे बड़ी ताकत
Chhattisgarh New DGP : अरुणदेव गौतम को छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर काम करने का सबसे लंबा और कड़ा अनुभव है। यही वजह है कि सरकार ने उन पर भरोसा जताया है:
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वर्ष 2009: राजनांदगांव में हुए बड़े नक्सली हमले के बाद उन्हें वहां की कमान सौंपी गई थी, जहां उन्होंने स्थिति को बखूबी संभाला।
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वर्ष 2013: झीरम घाटी हमले के बाद उन्हें बस्तर आईजी (Bastar IG) बनाया गया था। उस बेहद चुनौतीपूर्ण समय में उन्होंने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को टाइट किया, बल्कि विधानसभा चुनाव भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए।
Chhattisgarh New DGP : उनकी इसी बहादुरी और सूझबूझ के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medal), भारतीय पुलिस पदक और संयुक्त राष्ट्र पुलिस पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा के रिटायरमेंट के बाद से ही वे इस रेस में सबसे आगे थे, और अब वे छत्तीसगढ़ पुलिस को एक नई दिशा देंगे।








