छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विस्तार: नवा रायपुर अब बनी स्वतंत्र तहसील, 39 गांवों को किया गया शामिल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। जिले में प्रशासनिक कार्यों को गति देने और आम जनता की सुविधा के लिए नवा रायपुर (Atal Nagar) को अब एक नई तहसील के रूप में आधिकारिक मान्यता मिल गई है। राज्य सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
राजस्व विभाग ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विस्तार:राज्य शासन द्वारा 6 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार, नवा रायपुर तहसील अब पूरी तरह अस्तित्व में आ गई है। इस नई तहसील के गठन से पहले सरकार ने सीमाओं और क्षेत्रों को लेकर 60 दिनों का समय दिया था, ताकि किसी भी प्रकार की दावा-आपत्ति दर्ज की जा सके। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इसे अंतिम रूप दे दिया गया है।
इन क्षेत्रों को मिलाकर बनी नई तहसील
छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विस्तार:नवा रायपुर अटल नगर तहसील का निर्माण रायपुर जिले की चार वर्तमान तहसीलों के हिस्सों को काटकर किया गया है। इसमें शामिल मुख्य क्षेत्र हैं:
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रायपुर तहसील का हिस्सा
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मंदिर हसौद तहसील का हिस्सा
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गोबरा नवापारा तहसील का हिस्सा
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अभनपुर तहसील का हिस्सा
प्रशासनिक ढांचा: 6 राजस्व मंडल और 20 पटवारी हल्के
छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विस्तार:नई तहसील के सुचारू संचालन के लिए इसमें कुल 6 राजस्व निरीक्षक मंडल (RI Circles) और 20 पटवारी हल्के शामिल किए गए हैं।
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शामिल राजस्व निरीक्षक मंडल: पलौद, मंदिर हसौद, केंद्री, तोरला, सेरीखेड़ी और रायपुर 18 कांदुल।
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पटवारी हल्का विवरण: पलौद (20 से 26), मंदिर हसौद (15-22), केंद्री (13 से 19), तोरला (01, 02), सेरीखेड़ी (16, 39, 40) और कांदुल (51)।
नवा रायपुर तहसील में शामिल गांवों की पूरी सूची
छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विस्तार:नई तहसील के अंतर्गत कुल 39 गांवों को जोड़ा गया है। राजस्व मंडल के अनुसार गांवों का विवरण नीचे दिया गया है:
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पलौद मंडल: परसदा, पलौद, रीको, सेंध, चींचा, बरौंदा, रमचंडी, कयाबांधा, झांझ, नवागांव, खपरी, कुहेरा, राखी, कोटनी, कोटराभांटा और तांदुल।
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मंदिर हसौद मंडल: छतौना और नवागांव।
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केंद्री मंडल: बेंद्री, परसठ्ठी, निमोरा, उपरवारा, तूता, केंद्री, झांकी, खंडवा, भेलवाडीह और पचेड़ा।
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तोरला मंडल: चेरिया, पौंता, बंजारी, तेंदुआ और कुरूं।
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सेरीखेड़ी मंडल: सेरीखेड़ी, नकटी, टेमरी, धरमपुरा और बनरसी।
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कांदुल मंडल: माना।
जनता को क्या होगा लाभ?
छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विस्तार:नवा रायपुर को तहसील का दर्जा मिलने से क्षेत्र के निवासियों को राजस्व संबंधी कार्यों जैसे ज़मीन का नामांतरण, आय-जाति प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेजी कार्यों के लिए दूर नहीं जाना होगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी और फाइलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।









