Chhattisgarh School News: DEO का ‘तुगलकी फरमान’! राज्य सरकार के आदेश को ठेंगा, कड़ाके की ठंड में बच्चों को स्कूल बुलाने की जिद

Chhattisgarh School News: छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले से शिक्षा विभाग की एक बड़ी मनमानी सामने आई है। यहाँ के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने राज्य शासन के नियमों को ताक पर रखते हुए एक ऐसा आदेश जारी किया है, जिससे शिक्षकों और छात्रों में भारी असंतोष है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच, जहाँ अन्य जिलों में राहत दी जा रही है, वहीं यहाँ बच्चों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
शीतकालीन अवकाश रद्द: 10वीं-12वीं के बच्चों को ‘नो हॉलिडे’

Chhattisgarh School News:राज्य सरकार ने प्रदेश के स्कूलों के लिए शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है, लेकिन मोहला-मानपुर के DEO वाई.डी. साहू ने इसे निरस्त करने का ‘अजीबोगरीब’ फरमान सुनाया है। आदेश के मुताबिक, 10वीं और 12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों का कोर्स पूरा करने के लिए छुट्टियों में भी नियमित कक्षाएं लगेंगी। इस आदेश ने छात्रों और शिक्षकों की छुट्टियों पर पानी फेर दिया है।
साल भर ‘कुंभकर्णी नींद’, अब बोर्ड परीक्षा का डर!
Chhattisgarh School News:इस तुगलकी फरमान पर अब सवाल उठने लगे हैं। बड़ा प्रश्न यह है कि जब शिक्षा विभाग के पास साल भर का समय था, तो पाठ्यक्रम पूरा क्यों नहीं कराया गया?
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क्या पूरे साल अधिकारियों ने स्कूलों की मॉनिटरिंग नहीं की?
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अगर सिर्फ 10वीं और 12वीं का कोर्स अधूरा है, तो क्या 9वीं और 11वीं की स्थिति भी ऐसी ही है?
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जिम्मेदार बीईओ (BEO) और प्राचार्यों की जवाबदेही अब तक तय क्यों नहीं हुई?
विशेषज्ञों का कहना है कि साल भर की लापरवाही को ढंकने के लिए अब बच्चों और शिक्षकों पर छुट्टियों में भी दबाव बनाया जा रहा है।
ठिठुरन भरी ठंड में भी सुबह 7:30 बजे स्कूल!
Chhattisgarh School News:हैरानी की बात यह है कि वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहाँ कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पड़ोसी जिले राजनांदगांव सहित राज्य के कई अन्य जिलों में ठंड को देखते हुए स्कूलों का समय बदल दिया गया है, लेकिन मोहला-मानपुर में अभी भी स्कूल सुबह 7:30 बजे लग रहे हैं। ऊपर से अब छुट्टियों में भी स्कूल बुलाने की तैयारी ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
‘अंधेर नगरी चौपट राजा’: व्याख्याता बने हॉस्टल अधीक्षक
Chhattisgarh School News:जिले में शिक्षा विभाग की ‘भर्राशाही’ यहीं खत्म नहीं होती। नियमों के विरुद्ध स्वामी आत्मानंद स्कूल के व्याख्याताओं को अध्यापन कार्य से हटाकर छात्रावासों में ‘अटैच’ कर दिया गया है। शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि शिक्षकों को हॉस्टल अधीक्षक पद से मुक्त किया जाए, लेकिन मोहला जिले में इन आदेशों को भी रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है। उच्च वेतनमान वाले व्याख्याताओं से निम्न वेतनमान वाले अधीक्षक का काम लेना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
क्या बोले जिम्मेदार?
Chhattisgarh School News: विवाद बढ़ता देख जिला शिक्षा अधिकारी वाई.डी. साहू ने सफाई दी है कि यह निर्णय बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी और कोर्स पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, शासन के अवकाश संबंधी आदेश की अनदेखी करने पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।









