स्वास्थ्य सेवाएं ठप: मितानिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 13 दिसंबर से काम बंद आंदोलन

बालोद: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली मितानिन एवं उनके संबंधित कार्यकर्ता 13 दिसंबर से अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं। इससे टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और स्वास्थ्य सर्वेक्षण जैसे कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश में 72 हजार मितानिन और बालोद जिले में 2473 मितानिन इस आंदोलन में शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाएं ठप: मितानिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 13 दिसंबर से काम बंद आंदोलन
मितानिनों की प्रमुख मांगें
- मितानिन कार्यक्रम को एनजीओ राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र से हटाकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जोड़ा जाए।
- मितानिन और अन्य कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि और क्षतिपूर्ति राशि को दोगुना किया जाए।
- एनजीओ द्वारा की गई आर्थिक अनियमितताओं और मानसिक प्रताड़ना की जांच की जाए। स्वास्थ्य सेवाएं ठप: मितानिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 13 दिसंबर से काम बंद आंदोलन
धरना प्रदर्शन की समय-सारणी
- 16 दिसंबर: बालोद और गुंडरदेही ब्लॉक
- 17 दिसंबर: डौंडी और डौंडीलोहारा ब्लॉक
- 18 दिसंबर: गुरुर और बालोद ब्लॉक
- 19 दिसंबर: डौंडीलोहारा और गुंडरदेही ब्लॉक
- 20 दिसंबर: डौंडी और गुरुर ब्लॉक
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन उग्र हो जाएगा। संघ की अध्यक्ष महेश्वरी साहू ने बताया कि काम बंद आंदोलन को अब तक 95% सफलता मिली है। स्वास्थ्य सेवाएं ठप: मितानिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 13 दिसंबर से काम बंद आंदोलन
सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ की पदाधिकारी चंद्रप्रभा सुधाकर ने कहा कि सरकार चुनावी घोषणाओं में मितानिनों के लिए कई वादे कर चुकी है, लेकिन उन पर गंभीरता से अमल नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं ठप: मितानिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, 13 दिसंबर से काम बंद आंदोलन
हड़ताल से प्रभावित सेवाएं
- टीकाकरण अभियान
- संस्थागत प्रसव
- टीबी और कुष्ठ रोग कार्यक्रम
- गर्भवती और नवजात शिशुओं की देखभाल
- ग्रामीण स्वास्थ्य सर्वेक्षण



















