कवर्धा में भीषण सड़क हादसा: पिता की मौके पर ही मौत, बेटा रायपुर रेफर; जिले में बढ़ते एक्सीडेंट्स ने बढ़ाई चिंता

कवर्धा रोड एक्सीडेंट: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सड़कें अब सफर के लिए नहीं, बल्कि असुरक्षा का पर्याय बनती जा रही हैं। जिले में सड़क हादसों की स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि यहाँ होने वाली हर दूसरी-तीसरी दुर्घटना जानलेवा साबित हो रही है। ताजा मामला नेशनल हाईवे-30 का है, जहाँ एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं।
NH-30 पर अज्ञात वाहन का कहर: पिता ने तोड़ा दम
कवर्धा में भीषण सड़क हादसा:शुक्रवार दोपहर बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर ट्रांसपोर्ट नगर के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल सवार पिता-पुत्र को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि 60 वर्षीय विजय खांडेकर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, उनका 26 वर्षीय बेटा राजा खांडेकर गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया गया है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी
कवर्धा में भीषण सड़क हादसा:प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे हुए इस हादसे ने सुरक्षा इंतजामों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए उस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है जिसने इस घटना को अंजाम दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हेलमेट का सही तरीके से उपयोग किया गया होता, तो सिर की गंभीर चोटों से बचा जा सकता था। अक्सर देखा गया है कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों का मुख्य कारण सिर में लगने वाली चोट ही होती है।
डराने वाले हैं साल 2025 के ये आंकड़े
कवर्धा में भीषण सड़क हादसा:कवर्धा पुलिस द्वारा जारी वर्ष 2025 (जनवरी से दिसंबर) के आंकड़े जिले की सड़क सुरक्षा की पोल खोल रहे हैं:
कुल सड़क दुर्घटनाएं: 357
मौतों की संख्या: 196
घायलों की संख्या: 409
मृत्यु दर: लगभग 55 प्रतिशत
कवर्धा में भीषण सड़क हादसा:इन आंकड़ों का विश्लेषण करें तो यह स्पष्ट होता है कि कवर्धा में होने वाली दुर्घटनाओं में से आधे से अधिक मामलों में व्यक्ति अपनी जान गंवा देता है। यह स्थिति जिला प्रशासन और आम जनता, दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है।
क्यों हो रहे हैं इतने हादसे? ये हैं मुख्य कारण
जिले में बढ़ते हादसों के पीछे पुलिस और यातायात विशेषज्ञों ने कुछ प्रमुख कारण गिनाए हैं:
अत्यधिक गति (Over Speeding): नेशनल हाईवे पर वाहनों की बेलगाम रफ्तार।
नशे में ड्राइविंग: शराब पीकर वाहन चलाना दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है।
लापरवाही: गलत दिशा में वाहन चलाना और ओवरटेकिंग की होड़।
सुरक्षा उपकरणों का अभाव: हेलमेट और सीट बेल्ट को औपचारिकता समझना।
मोबाइल का उपयोग: वाहन चलाते समय फोन पर बात करना ध्यान भटकाता है।
परिवारों पर टूट रहा दुखों का पहाड़
कवर्धा में भीषण सड़क हादसा:सड़क दुर्घटना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि इसके पीछे एक पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। किसी का सुहाग उजड़ जाता है, तो किसी बच्चे के सिर से पिता का साया उठ जाता है। कई मामलों में घायल व्यक्ति आजीवन विकलांगता का शिकार हो जाता है, जिससे परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति पूरी तरह चरमरा जाती है।
पंडरिया में टला बड़ा हादसा: पुलिया से नीचे गिरा कंटेनर
कवर्धा में भीषण सड़क हादसा:शुक्रवार को ही एक अन्य घटना में पंडरिया ब्लॉक के लोखान पुलिया पर एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ एक अनियंत्रित कंटेनर ट्रेलर पुलिया से नीचे जा गिरा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से स्थिति पर काबू पाया गया।
कवर्धा में भीषण सड़क हादसा:सड़क पर आपकी एक छोटी सी लापरवाही न केवल आपकी जान ले सकती है, बल्कि आपके परिवार को भी अंधेरे में धकेल सकती है। ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन बचाने का मंत्र है। सुरक्षित चलें और यातायात नियमों का पालन करें।



















