LIVE UPDATE
भारत

IAS विनोद कुमार को भ्रष्टाचार के 11वें मामले में सजा, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की जेल

भुवनेश्वर: UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन कुछ अधिकारी अपनी ईमानदारी की मिसाल बनते हैं, तो कुछ भ्रष्टाचार में लिप्त होकर कानूनी शिकंजे में फंस जाते हैं। ऐसा ही एक मामला ओडिशा ग्रामीण आवास विकास निगम (ORHDC) घोटाले से जुड़ा है, जहां 1989 बैच के IAS अधिकारी विनोद कुमार को भ्रष्टाचार के 11वें मामले में दोषी पाते हुए कोर्ट ने 3 साल की सजा और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। IAS विनोद कुमार को भ्रष्टाचार के 11वें मामले में सजा, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की जेल

IAS विनोद कुमार: शिक्षा से लेकर घोटाले तक का सफर

B.Tech और M.Tech डिग्रीधारी विनोद कुमार मैकेनिकल इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता रखते हैं।
1989 में UPSC क्लियर कर बने IAS अधिकारी।
ओडिशा ग्रामीण आवास विकास निगम (ORHDC) घोटाले में 11वीं बार दोषी करार।
फर्जी लोन अप्रूवल और धन के दुरुपयोग के आरोप।
पहले ही 10 अन्य भ्रष्टाचार मामलों में दोषी करार। IAS विनोद कुमार को भ्रष्टाचार के 11वें मामले में सजा, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की जेल

WhatsApp Group Join Now
Facebook Page Follow Now
YouTube Channel Subscribe Now
Telegram Group Follow Now
Instagram Follow Now
Dailyhunt Join Now
Google News Follow Us!

कैसे हुआ घोटाला?

ओडिशा विजिलेंस विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, विनोद कुमार ने ORHDC को नुकसान पहुंचाने वाले मेसर्स सिटी बिल्डर्स को अवैध रूप से लोन पास किया। इसके चलते सरकारी फंड में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया। साल 2000 में मेसर्स होम लाइफ बिल्डर्स को 38 डुप्लेक्स निर्माण के लिए लोन दिया गया, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए फंड जारी करने का आरोप लगा था। IAS विनोद कुमार को भ्रष्टाचार के 11वें मामले में सजा, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की जेल

घोटाले में शामिल अन्य अधिकारी

इस मामले में ORHDC के तत्कालीन कंपनी सचिव स्वस्ति रंजन महापात्रा, प्री-लोन सैंक्शनिंग ऑफिसर उमेश स्वैन और बिल्डर कंपनी के दो मैनेजिंग पार्टनर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैंइन सभी पर साजिश रचने और अवैध लाभ पहुंचाने के आरोप हैं। IAS विनोद कुमार को भ्रष्टाचार के 11वें मामले में सजा, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की जेल

कोर्ट का फैसला और भविष्य की कार्रवाई

भुवनेश्वर विजिलेंस कोर्ट ने विनोद कुमार को दोषी ठहराते हुए तीन साल की जेल और ₹50,000 का जुर्माना लगाया।
CBI और विजिलेंस विभाग इस घोटाले की गहन जांच कर रहा है और आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
यह मामला सरकारी संस्थाओं में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करता है। IAS विनोद कुमार को भ्रष्टाचार के 11वें मामले में सजा, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की जेल

Nidar Chhattisgarh Desk

देश में तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। जो हिंदी न्यूज साइटों में सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रमाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने पाठक वर्ग तक पहुंचाती है। इसकी प्रतिबद्ध ऑनलाइन संपादकीय टीम हर रोज विशेष और विस्तृत कंटेंट देती है। हमारी यह साइट 24 घंटे अपडेट होती है, जिससे हर बड़ी घटना तत्काल पाठकों तक पहुंच सके। पाठक भी अपनी रचनाये या आस-पास घटित घटनाये अथवा अन्य प्रकाशन योग्य सामग्री ईमेल पर भेज सकते है, जिन्हें तत्काल प्रकाशित किया जायेगा !

Related Articles

WP Radio
WP Radio
OFFLINE LIVE