छत्तीसगढ़ में 40 गायों की भूख से मौत! 150 और मवेशियों पर मंडरा रहा खतरा, गोशाला में चारा-पानी का संकट

छत्तीसगढ़ में 40 गायों की भूख से मौत! 150 और मवेशियों पर मंडरा रहा खतरा, गोशाला में चारा-पानी का संकट
राजिम : छत्तीसगढ़ के राजिम में 40 गायों की भूख से दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। पत्रकारों की पड़ताल में यह भी खुलासा हुआ कि करीब 150 और गायों की जान खतरे में है। इस घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया है। पैरी नदी के किनारे सड़ती गायों की लाशों ने गोशाला प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है।छत्तीसगढ़ में 40 गायों की भूख से मौत
गुपचुप दफनाई जा रही थीं गायों की लाशें
? जांच में सामने आया कि गोशाला में पिछले दो महीने से चारा-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
? कमजोर और बीमार गायों की हालत बेहद दयनीय थी, जिससे 25-30 गायों की हालत नाजुक बनी हुई है।
? जब गायें मर जाती थीं, तो उनकी लाशों को चोरी-छिपे पैरी नदी के किनारे फेंक दिया जाता था।
? स्थानीय लोगों का कहना है कि गोशाला प्रबंधन गायों की देखभाल में पूरी तरह असफल साबित हुआ है।
चरवाहों को नहीं मिला वेतन, भूख से तड़प रही गायें
? गोशाला में चरवाहे पिछले दो महीने से नहीं आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें वेतन नहीं दिया गया।
? पहले जंगल से चारा लाकर किसी तरह मवेशियों को खाना दिया जाता था, लेकिन चरवाहों के न आने से वह भी बंद हो गया।
? स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
? अब जब 40 गायों की मौत की खबर सामने आई, तो प्रशासन हरकत में आया और रात में ही चारा-पानी की व्यवस्था करनी पड़ी।
नगर में फैल रही दुर्गंध, स्वास्थ्य संकट भी बढ़ा
? पैरी नदी के किनारे 35-40 सड़ती लाशों से पूरा इलाका बदबूदार हो गया है।
? वार्ड 12 और 13 के लोग पहले से ही गायों की सड़ती लाशों की बदबू की शिकायत कर रहे थे।
? अब हालात यह हो गए हैं कि सुबह-शाम की हवा भी नगर में अजीब बदबू फैला रही है।
प्रशासन की कार्रवाई, FIR दर्ज करने की तैयारी
⚖ नगर पंचायत सीएमओ, पुलिस और एसडीएम ने गोशाला का दौरा किया और संचालक से जवाब तलब किया गया।
⚖ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
⚖ राजिम विधायक रोहित साहू ने कलेक्टर से बात कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
⚖ एसडीएम विशाल महाराणा ने माना कि यह प्रबंधन की घोर लापरवाही है और कार्रवाई तय है।
गौ रक्षा के लिए कड़ा कानून लाने की मांग
? शंकराचार्य के कृपापात्र शिष्य पं. झम्मन शास्त्री ने कहा कि गोवंश की इस तरह की दुर्दशा बेहद दुखद है।
? उन्होंने केंद्र सरकार से गायों के संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की।
? गायों को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिए जाने की भी मांग उठ रही है।
? अब सवाल यह है कि क्या दोषियों को सजा मिलेगी? क्या प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगा?



















