कवर्धा डॉक्टर दंपति हत्याकांड: 8 साल बाद खुला राज, ड्राइवर ही निकला कातिल! बोला- ‘साहब ने मैडम को मारा, फिर मैंने…’

कवर्धा डॉक्टर दंपति हत्याकांड: 8 साल बाद खुला राज, ड्राइवर ही निकला कातिल! बोला- ‘साहब ने मैडम को मारा, फिर मैंने…‘
Kawardha Double Murder Case: 8 साल बाद खुला राज, ड्राइवर ही निकला कातिल! बोला- ‘साहब ने मैडम को मारा, छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में 8 साल पहले हुए बहुचर्चित डॉक्टर दंपति हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। 8 साल से जो गुत्थी अनसुलझी थी, उसका कातिल कोई और नहीं, बल्कि उनका ही पुराना ड्राइवर निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद उसने हत्या वाली रात का जो खौफनाक सच बयां किया, उसे सुनकर हर कोई हैरान है।
8 साल पुराना वो खौफनाक मंजर
यह मामला 6 अप्रैल 2017 का है, जब कवर्धा शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. गणेश सूर्यवंशी और उनकी पत्नी डॉ. उषा सूर्यवंशी के शव उनके ही घर के आंगन में खून से लथपथ मिले थे। इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। सालों तक यह केस एक “अंधा कत्ल” बना रहा, और पुलिस की कई कोशिशों के बावजूद कातिल का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।8 साल बाद खुला राज, ड्राइवर ही निकला कातिल! बोला- ‘साहब ने मैडम को मारा
कैसे शक की सुई ड्राइवर पर घूमी?
सालों बाद, जब कबीरधाम पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर इस ठंडे बस्ते में जा चुके केस की फाइल दोबारा खोली, तो शक की सुई उनके पुराने ड्राइवर सत्यप्रकाश साहू पर जाकर टिकी। जांच में पता चला कि:
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आरोपी ने डॉक्टर को 1.80 लाख रुपये उधार दिए थे।
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वह अपने पैसे वापस मांग रहा था, लेकिन डॉक्टर टालमटोल कर रहे थे।
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इसी बीच, आरोपी पर ब्लैकमेलिंग का एक और केस दर्ज हुआ था, जिसके डर से वह भागा हुआ था।
हत्या वाली रात का खौफनाक सच: ड्राइवर की जुबानी
पुलिस की 14 घंटे की मनोवैज्ञानिक पूछताछ में आखिरकार आरोपी टूट गया और उसने हत्या का पूरा सच उगल दिया। आरोपी के कबूलनामे के अनुसार:
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घरेलू झगड़े का बना गवाह: पैसों की तंगी के चलते वह डॉक्टर के घर अपने उधार दिए पैसे मांगने गया था। वहां उसने डॉक्टर दंपति को बुरी तरह झगड़ते देखा।
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डॉक्टर ने की पत्नी की हत्या: विवाद इतना बढ़ा कि डॉ. गणेश ने एक भारी पत्थर उठाकर अपनी पत्नी डॉ. उषा के सिर पर मार दिया। पत्नी के गिरने के बाद उन्होंने दोबारा वार कर उसकी हत्या कर दी।
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डर के मारे ड्राइवर ने की डॉक्टर की हत्या: यह सब अपनी आंखों से देखकर ड्राइवर सत्यप्रकाश बुरी तरह घबरा गया। उसे लगा कि अब डॉक्टर उसे भी गवाह के तौर पर जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इसी डर में उसने डॉक्टर को धक्का देकर गिराया और उसी पत्थर से वार कर उनकी भी हत्या कर दी।
सबूत मिटाने की शातिर कोशिश और कातिल का दुस्साहस
हत्या करने के बाद आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से सबूत मिटाने की कोशिश की।
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उसने कमरे में फैले खून के धब्बों को साफ किया।
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दोनों शवों को घसीटकर आंगन में रख दिया।
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वह रात भर वहीं रुका और सुबह 5 बजे डॉक्टर का मोबाइल लेकर फरार हो गया।
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सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अगले दिन जब पुलिस मौके पर जांच कर रही थी, तो वह भीड़ में शामिल होकर तमाशा देखता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।
40 हजार का इनाम और पुलिस की सफलता
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए आईजी और एसपी ने 40,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी। कवर्धा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अथक प्रयासों और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आखिरकार 8 साल बाद इस रहस्य से पर्दा उठा दिया।8 साल बाद खुला राज, ड्राइवर ही निकला कातिल! बोला- ‘साहब ने मैडम को मारा









