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अपराधदुर्ग

जमीन और निर्माण के नाम पर लाखों की जालसाजी, कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भू-माफियाओं और जालसाजों के हौसले बुलंद हैं। हाल ही में जमीन और मकान निर्माण के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। पीड़ितों की लंबी लड़ाई और न्यायालय के कड़े हस्तक्षेप के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है।

जमीन के नाम पर ठगी: कोर्ट के आदेश पर पुलिस की कार्रवाई

जमीन और निर्माण के नाम पर लाखों की जालसाजी,24 मार्च को दुर्ग से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ रसूखदारों ने जमीन बेचने और निर्माण कार्य कराने के बहाने कई लोगों से लाखों रुपये की उगाही की थी। जब पीड़ितों को धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस की शरण ली। हालांकि, मामले में देरी होने पर प्रार्थियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

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जमीन और निर्माण के नाम पर लाखों की जालसाजी,माननीय न्यायालय के आदेश के बाद, थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी की कड़ियों को जोड़ने के लिए विस्तृत जांच कर रही है।

न्यायालय का अहम फैसला: एक आरोपी बरी, पीड़िता को मिलेगा हर्जाना

इसी दौरान, एक अन्य आपराधिक मामले में भी न्यायालय ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस केस की सुनवाई के दौरान:

  • सह-अभियुक्त की रिहाई: सह-अभियुक्त रामचन्द्र गुप्ता को साक्ष्यों की कमी के कारण सम्मानजनक तरीके से बरी कर दिया गया है।

  • जुर्माना और मुआवजा: कोर्ट ने मुख्य दोषियों पर अर्थदंड (जुर्माना) लगाया है। आदेश के अनुसार, जुर्माने की इस राशि का एक बड़ा हिस्सा पीड़ित पक्ष के परिजनों को ‘प्रतिकर’ (Compensation) के रूप में प्रदान किया जाएगा।

सरकारी वकीलों की प्रभावी पैरवी

इस कानूनी लड़ाई में सरकारी पक्ष की ओर से विशेष शासकीय अधिवक्ता फुल बदन और अजय गुप्ता ने कमान संभाली। उनकी प्रभावी दलीलों और ठोस गवाहों के आधार पर न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुँचा और न्यायसंगत फैसला सुनाया।

धोखाधड़ी से बचने के लिए रहें सावधान

जमीन और निर्माण के नाम पर लाखों की जालसाजी,दुर्ग पुलिस और कानूनी विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि जमीन या प्रॉपर्टी से संबंधित किसी भी लेनदेन से पहले कागजों की पूरी जांच कर लें। निर्माण के नाम पर अग्रिम राशि (Advance Payment) देने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था की विश्वसनीयता जरूर परखें।

 न्यायालय के इन फैसलों और पुलिस की सक्रियता से यह साफ है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। दुर्ग पुलिस अब धोखाधड़ी के इस बड़े रैकेट की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

Pooja Chandrakar

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