अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर! कांकेर जेल में ‘मैडम’ के आतंक से दिल्ली तक हड़कंप

अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर! कांकेर जेल में ‘मैडम’ के आतंक से दिल्ली तक हड़कंप
CG News: अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर! , छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला जेल में नियमों और इंसानियत को ताक पर रखने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां विचाराधीन कैदियों से एक महिला अफसर की निजी गाड़ी धुलवाई जा रही है, तो वहीं जेल की महिला सफाईकर्मियों से उनके सरकारी क्वार्टर में झाड़ू-पोंछा और बच्चों की देखभाल करवाई जा रही है। यह गंभीर आरोप किसी और ने नहीं, बल्कि जेल के ही प्रताड़ित स्टाफ ने लगाए हैं, जिसकी शिकायत कांकेर कलेक्टर से लेकर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुँच चुकी है।
सीधा आरोप सहायक जेल अधीक्षक रेणु ध्रुव और उनके पति पर है, जिनके कथित आतंक के चलते जेल में महिला प्रहरी तक खुद को महफूज महसूस नहीं कर रहीं।अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर!
कैदियों से निजी काम, सफाईकर्मियों से घर की ‘गुलामी’
शिकायत के मुताबिक, जेल में बंद विचाराधीन कैदियों का इस्तेमाल अफसर के निजी कामों के लिए किया जा रहा है। वहीं, महिला बैरक की सफाई के लिए तैनात महिला सफाईकर्मियों को सहायक जेल अधीक्षक के घर पर बर्तन धोने, कपड़े साफ करने, झाड़ू-पोंछा लगाने और बच्चों की देखभाल करने जैसे कामों में सुबह से रात 8 बजे तक झोंक दिया गया है। आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें छुट्टी नहीं दी जाती और अपशब्द कहे जाते हैं।अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर!
शर्मिंदगी और ताने: महिला प्रहरियों का दर्द
जेल की महिला प्रहरियों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर!
असुरक्षित माहौल: उनके लिए निर्धारित महिला गेट बंद कर दिया गया है, जिससे उन्हें पुरुष बंदियों के शौचालय और स्नानागार के पास से गुजरना पड़ता है, जो बेहद शर्मिंदगी भरा है।
अफसर की धमकी: सहायक जेल अधीक्षक रेणु ध्रुव बार-बार ताने मारती हैं, “सोते रहते हो, गप्पे मारते हो, ट्रांसफर करवा दूंगी, चरित्रावली खराब कर दूंगी।”
बुनियादी सुविधाओं का अभाव: महिला खंड में न तो शौचालय है, न बाथरूम। बारिश में भी ड्यूटी के दौरान सांप-कीड़े घूमते रहते हैं, लेकिन आराम करने तक की जगह नहीं है।
अमानवीय फरमान: ड्यूटी के दौरान नाश्ता, पानी या सैनिटरी पैड जैसी जरूरी चीजें लाने पर भी रोक है। अफसर का तर्क है, “चंद घंटों की ड्यूटी में खाना-पीना जरूरी है क्या?”
जेल में ‘साहब’ का दखल, मोबाइल नंबर मांगने का गंभीर आरोप
आरोप है कि सहायक जेल अधीक्षक के पति बालकृष्ण चिन्ना, जो जेल कर्मचारी नहीं हैं, फिर भी जेल परिसर में दखलअंदाजी करते हैं।अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर!
महिला कर्मचारियों का आरोप है कि वह आते-जाते उनका मोबाइल नंबर मांगते हैं और अच्छी ड्यूटी लगवाने का लालच देते हैं।
कहा जा रहा है कि जो कर्मचारी उनकी बात मानते हैं, उन्हें पैसे वसूली और जेल की सामग्री बेचने जैसे अवैध कामों में लगा दिया जाता है।
यहां तक कि महिला कर्मियों को अपने छोटे बच्चों को साथ लाने पर भी डांट पड़ती है और बच्चों को बंद करवाने की धमकी दी जाती है।
अफसर का पलटवार: ‘सब आरोप झूठे, नियम तोड़ने वालों पर की कार्रवाई’
इन गंभीर आरोपों पर सहायक जेल अधीक्षक रेणु ध्रुव ने अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है, “जेल के अपने नियम हैं। कुछ महिला प्रहरी नियमों को तोड़ते हुए जेल में आपत्तिजनक सामान ला रही थीं, सिर्फ उन्हीं को बैग लाने से मना किया गया है। मैंने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। बाकी सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।”अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर!
इस पूरे मामले में पीड़ित कर्मचारियों ने एक निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि वे जेल में बिना किसी डर और तनाव के अपनी ड्यूटी कर सकें।अफसर की निजी गाड़ी धो रहे कैदी, महिला प्रहरियों से मांगे जा रहे मोबाइल नंबर!



















