
कृषि विभाग द्वारा कृषि यंत्रों पर अनुदान देने की योजना शुरू की गई है, जिसके तहत किसानों और कस्टम हायरिंग सेंटर को कृषि यंत्रों पर 50% तक का अनुदान मिलेगा। इस योजना का उद्देश्य कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देना और फसल अवशेष प्रबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाना है। कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
योजना का उद्देश्य: कृषि यंत्रों पर अनुदान
कुशीनगर के उपनिदेशक कृषि द्वारा ‘प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू (सी.आर.एम.)’ और ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन’ योजनांतर्गत कृषि यंत्रों पर अनुदान देने की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत किसानों को अधिकतम 50% तक अनुदान मिलेगा। कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
फसल अवशेष प्रबंधन पर अनुदान
इस योजना के तहत विशेष रूप से फसल अवशेष प्रबंधन वाले कृषि यंत्रों पर अनुदान प्रदान किया जाएगा। इन यंत्रों पर अधिकतम 50% तक अनुदान मिलेगा, जबकि कस्टम हायरिंग सेंटरों के लिए यह अनुदान 80% तक हो सकता है। कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के लिए इच्छुक किसान और कस्टम हायरिंग सेंटर 16 जनवरी 2025 से लेकर 30 जनवरी 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। किसान को विभागीय वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर जाकर “यंत्र पर अनुदान हेतु टोकन निकालें” लिंक पर क्लिक करके आवेदन करना होगा। कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
अनुदान राशि और जमानत
इस योजना में कृषि यंत्रों पर ₹10,001 से लेकर ₹1,00,000 तक का अनुदान मिलेगा। किसानों को आवेदन के समय निर्धारित जमानत धनराशि भी ऑनलाइन जमा करनी होगी। ₹10,001 से ₹1,00,000 तक के अनुदान के लिए जमानत राशि ₹2500 होगी, और ₹1,00,000 से अधिक के अनुदान के लिए जमानत राशि ₹5000 होगी। कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
ई-लाटरी के माध्यम से चयन
यदि लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो लाभार्थियों का चयन ई-लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। अगर कोई किसान ई-लाटरी में चयनित नहीं होता है, तो उसकी जमानत राशि वापस कर दी जाएगी। कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया









