पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
धरणा देने के बाद, महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि यदि आरोपी मंत्री के बेटे होते तो पुलिस उन पर तुरंत कार्रवाई करती। उनका कहना था कि गरीबों की कोई सुनवाई नहीं हो रही और आरोपी खुलेआम फरार हैं। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं टस से मस नहीं हुईं। इस दौरान, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रायपुर मर्डर केस: 90 दिन बाद भी फरार आरोपी, परिवार ने किया धरना, मंत्री के बेटे की तरह कार्रवाई की मांग
SSP का आदेश: जांच टीम गठित
सिंधी समाज के नेताओं और महिलाओं ने रायपुर SSP डॉ. लाल उम्मेद सिंह से मुलाकात की। SSP ने इस मामले में एंटी क्राइम यूनिट के अधिकारियों के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में गंभीरता से जांच करेंगे और सभी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रायपुर मर्डर केस: 90 दिन बाद भी फरार आरोपी, परिवार ने किया धरना, मंत्री के बेटे की तरह कार्रवाई की मांग
घटना का विवरण: यश शर्मा की दर्दनाक मौत
घटना 13 अक्टूबर की है, जब महावीर नगर के निवासी यश शर्मा (20) को उसके दोस्त यश खेमानी ने पार्टी करने के लिए बुलाया। इसके बाद यश को उसके अन्य दोस्तों तुषार पंजवानी, तुषार पाहुजा, और चिराग पंजवानी के साथ कार में तेलीबांधा ले जाया गया। इन सभी ने यश से एक और दोस्त तुषार तोलानी के बारे में जानकारी मांगी, और न बताने पर उसे बेरहमी से पीटा। मारपीट के दौरान यश को बांस के डंडे से मारा गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। रायपुर मर्डर केस: 90 दिन बाद भी फरार आरोपी, परिवार ने किया धरना, मंत्री के बेटे की तरह कार्रवाई की मांग
आरोपियों ने यश को बंधक बना लिया
मारपीट के बाद यश को बेहोश करके मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, और फिर शगुन फॉर्म में दो दिनों तक बंधक बना कर उसके साथ मारपीट की गई। यश के शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, और डॉक्टरों ने बताया कि उसकी अंतड़ियां फैल गई हैं। यश को अंततः AIIMS में भर्ती किया गया, जहां उसने घटना के बारे में बताया। हालांकि, 90 दिन तक इलाज के बाद उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार में गहरी नाराजगी है। रायपुर मर्डर केस: 90 दिन बाद भी फरार आरोपी, परिवार ने किया धरना, मंत्री के बेटे की तरह कार्रवाई की मांग
पुलिस की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने दिसंबर में एक आरोपी तुषार पाहुजा को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया। हालांकि, तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। सभी आरोपियों पर किडनैपिंग और मर्डर का मामला दर्ज है। रायपुर मर्डर केस: 90 दिन बाद भी फरार आरोपी, परिवार ने किया धरना, मंत्री के बेटे की तरह कार्रवाई की मांग