मरवाही जनपद पंचायत में स्ट्रीट लाइट घोटाला: “उजाले पर घोटाला” के आरोप, सीईओ की भूमिका पर उठे सवाल!

मरवाही जनपद पंचायत में स्ट्रीट लाइट घोटाला: “उजाले पर घोटाला” के आरोप, सीईओ की भूमिका पर उठे सवाल!
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की मरवाही जनपद पंचायत एक बार फिर सुर्खियों में है, और इस बार वजह है “उजाले पर घोटाला”। ग्राम पंचायत सेखवा में लाखों रुपये के स्ट्रीट लाइट घोटाले का मामला उजागर होने के बाद भी जांच की प्रक्रिया कछुए की चाल चल रही है। कई महीने बीत जाने के बावजूद जांच पूरी नहीं हो पाई है, जिससे सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।मरवाही जनपद पंचायत में स्ट्रीट लाइट घोटाला
क्या है पूरा मामला: अंधेरे में डूबी गलियां, जांच में देरी
आरोप है कि ग्राम पंचायत सेखवा में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया। शिकायतें हुईं, जांच के आदेश भी जारी हुए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। लाइटें आज भी जस की तस पड़ी हैं और गांव की गलियां अंधेरे में डूबी रहती हैं। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी उम्मीद थी कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी और गांव में उजाला होगा, लेकिन यह सपना अब तक अधूरा है।मरवाही जनपद पंचायत में स्ट्रीट लाइट घोटाला
जनपद सीईओ और जांच टीम पर सवालिया निशान
जब इस मामले में मरवाही जनपद पंचायत के सीईओ से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने बताया कि जांच टीम गठित कर दी गई है। हालांकि, हकीकत यह है कि जांच अभी तक शुरू भी नहीं हो पाई है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं जांच टीम को ही जानबूझकर निष्क्रिय तो नहीं कर दिया गया या मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश तो नहीं की जा रही। शिकायतकर्ता लगातार विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और जनपद सीईओ की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।मरवाही जनपद पंचायत में स्ट्रीट लाइट घोटाला
भ्रष्टाचारियों को बचाने का प्रयास? लीपापोती की आशंका
ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस पूरे मामले में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है और भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश हो रही है। उनका कहना है कि यह घोटाला ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और इंजीनियर की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके। फिलहाल, अधिकारी मात्र खानापूर्ति करते नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ रहा है।मरवाही जनपद पंचायत में स्ट्रीट लाइट घोटाला
सरकारी सिस्टम पर करारा तमाचा
यह मामला सरकारी सिस्टम की खामियों और भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करता है। जिस तरह से ठेकेदार ने कथित तौर पर सरकारी सिस्टम का मखौल उड़ाया है, वह चिंताजनक है। यदि समय रहते इस तरह के घोटालों पर अंकुश नहीं लगाया गया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता का विश्वास सरकारी व्यवस्था से उठता जाएगा। अब मरवाही जनपद पंचायत में स्ट्रीट लाइट घोटाला









