
रायपुर में बैंक में जमा 4.40 लाख रुपये का अकाउंट पेयी चेक गायब कर जालसाजों ने जाली दस्तखत और फर्जी आधार कार्ड के जरिए SBI शाखा से कैश निकाल लिया। पुलिस जांच में जुटी।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बैंकिंग धोखाधड़ी और जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। तात्यापारा इलाके में स्थित एक बैंक शाखा में जमा किया गया 4.40 लाख रुपये का ‘अकाउंट पेयी’ चेक रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया। इसके बाद जालसाजों ने फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों का सहारा लेकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की दूसरी शाखा से पूरी रकम नकद निकाल ली।

पीड़ित खाताधारक की शिकायत के बाद रायपुर के कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब बैंक के सीसीटीवी फुटेज, लेनदेन के रिकॉर्ड और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तात्यापारा निवासी आनंद कुसरे ने अपनी एक संपत्ति के विक्रय का सौदा सोनम वर्मा नामक महिला के साथ तय किया था। रजिस्ट्री प्रक्रिया से पूर्व सोनम वर्मा ने आनंद कुसरे के नाम पर 4 लाख 40 हजार रुपये का एक अकाउंट पेयी चेक जारी किया था।

पीड़ित ने यह चेक भुनाने के लिए 15 जुलाई को अपने बैंक ऑफ इंडिया, तात्यापारा स्थित खाते में पे-इन-स्लिप (जमा पर्ची) के साथ जमा कर दिया था। नियम के मुताबिक अकाउंट पेयी चेक की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होनी चाहिए थी, लेकिन इस मामले में पूरी प्रक्रिया ही बदल दी गई।
체क जमा करने के अगले दिन जब खाताधारक ने अपने खाते की स्थिति जांची, तो रकम जमा नहीं हुई थी। बैंक कर्मचारियों से संपर्क करने पर पहले उन्हें बताया गया कि चेक गुम हो गया है और फिलहाल केवल जमा पर्ची ही उपलब्ध है।

इसके बाद जब पीड़ित 20 जुलाई को दोबारा बैंक पहुंचे, तो उन्हें जो जानकारी मिली उससे वे हैरान रह गए। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, चेक की पूरी 4.40 लाख रुपये की राशि पहले ही भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की संतोषी नगर शाखा से काउंटर पर नकद (कैश) निकाली जा चुकी थी।
घटना का खुलासा होने के बाद पीड़ित ने तुरंत SBI संतोषी नगर शाखा पहुंचकर भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं:
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जाली हस्ताक्षर: चेक के पीछे पीड़ित के नाम से फर्जी दस्तखत किए गए थे।
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फर्जी आधार पहचान: भुगतान पाने के लिए प्रस्तुत किए गए आधार कार्ड पर नाम तो पीड़ित (आनंद कुसरे) का दर्ज था, लेकिन उस पर फोटो किसी अज्ञात व्यक्ति की लगी हुई थी।
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गलत विवरण: पहचान पत्र पर दर्ज आधार नंबर और पता भी पीड़ित के वास्तविक सरकारी दस्तावेजों से बिल्कुल अलग था।
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मोबाइल नंबर दर्ज: नकद निकासी के दौरान चेक पर रकम निकालने वाले व्यक्ति ने एक मोबाइल नंबर भी दर्ज किया था।
बैंक प्रबंधन की ओर से शिकायतकर्ता को सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की तस्वीरें भी मुहैया कराई गई हैं, जिनमें चेक भुनाने वाला संदेहास्पद व्यक्ति स्पष्ट नजर आ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी सतीश सिंह ने पुष्टि की है कि पीड़ित आनंद कुसरे के आवेदन के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की विशेष टीम बैंक रिकॉर्ड, फोन नंबर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है।
इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
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अकाउंट पेयी का नियम: जब कोई चेक ‘अकाउंट पेयी’ होता है, तो उसका नकद भुगतान बैंक काउंटर पर नहीं किया जा सकता; राशि सीधे खाते में ही जानी चाहिए।
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पहचान सत्यापन में चूक: SBI शाखा में फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तखत के आधार पर इतनी बड़ी रकम का नकद भुगतान कैसे कर दिया गया?
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चेक गायब होने की कड़ी: तात्यापारा स्थित बैंक से जमा चेक संतोषी नगर शाखा तक कैसे पहुंचा, इसकी भी विभागीय जांच आवश्यक मानी जा रही है।









