SECL Deepka Mine Tragedy: कोरबा में खदान ब्लास्टिंग ने ली ग्रामीण की जान, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भड़के लोग

SECL Deepka Mine Tragedy: Korba News Today: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एसईसीएल (SECL) की दीपका कोयला खदान में की गई भारी ब्लास्टिंग (Heavy Blasting) ने एक निर्दोष ग्रामीण की जान ले ली। आरोप है कि कोयला उत्पादन बढ़ाने के चक्कर में प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया, जिसका खामियाजा एक परिवार को भुगतना पड़ा।
SECL Deepka Mine Tragedy: ब्लास्टिंग से उड़ा पत्थर बना काल, मौके पर हुई मौत
SECL Deepka Mine Tragedy: घटना बुधवार दोपहर की है, जब दीपका खदान के सुआभोड़ी फेस पर ब्लास्टिंग की जा रही थी। ग्राम रेकी निवासी लखन पटेल उस समय खदान के पास स्थित सार्वजनिक मार्ग से गुजर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ब्लास्टिंग इतनी भीषण थी कि पत्थर के बड़े टुकड़े काफी दूर तक उछले। इनमें से एक विशाल पत्थर सीधे लखन पटेल पर आ गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप
SECL Deepka Mine Tragedy: हादसे के बाद ग्रामीणों ने SECL प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि:
ब्लास्टिंग से पहले किसी भी तरह की चेतावनी नहीं दी गई।
खदान के पास स्थित सार्वजनिक सड़क पर आवाजाही नहीं रोकी गई।
नियमों के मुताबिक निर्धारित ‘सेफ्टी ज़ोन’ नहीं बनाया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब प्रबंधन ने लापरवाही बरती है, लेकिन इस बार एक निर्दोष की जान चली गई।
“दुर्घटना नहीं, यह हत्या है” – भूविस्थापित समिति का फूटा गुस्सा
SECL Deepka Mine Tragedy: इस हृदयविदारक घटना पर ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने कड़ी आपत्ति जताई है। समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने इस हादसे को “सुनियोजित हत्या” करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन केवल उत्पादन और मुनाफे पर ध्यान दे रहा है, जबकि आम नागरिकों और श्रमिकों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है।
मृतक के परिजनों के लिए ₹50 लाख और नौकरी की मांग
SECL Deepka Mine Tragedy: घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीणों और किसान समिति ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
आर्थिक सहायता: मृतक लखन पटेल के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
स्थायी रोजगार: परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार SECL में पक्की नौकरी दी जाए।
कानूनी कार्रवाई: खान सुरक्षा निदेशालय (DGMS) और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की FIR दर्ज हो।
उच्च स्तरीय जांच: ब्लास्टिंग की मानक प्रक्रियाओं की जांच हो ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव, काम बंद करने की मांग
SECL Deepka Mine Tragedy: हादसे के बाद सुआभोड़ी फेस में काम बंद करने और सुरक्षा पुख्ता होने तक ब्लास्टिंग पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर मौजूद है और ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास कर रही है। यह घटना एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और स्थानीय निवासियों के जीवन के बीच के संघर्ष को बयां करती है।















