कॉलेज में अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन

कॉलेज की स्थिति: छात्रों का गुस्सा
गुण्डरदेही। अर्जुंदा महाविद्यालय, जो कुछ वर्षों पहले तक अपनी अनुशासन और अध्यापन कार्यों में उत्कृष्टता के लिए जाना जाता था, अब प्रभारी प्राचार्य डॉ. रश्मि सिंह की मनमानी के कारण विवादों में है। छात्रों ने कॉलेज में अव्यवस्था और समस्याओं के समाधान में कमी के खिलाफ आवाज उठाई है। कॉलेज में अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन
छात्रों की समस्याएँ: अनसुनी शिकायतें
छात्रों ने बताया कि उन्होंने अपनी परेशानियों के बारे में बार-बार प्रभारी प्राचार्य को अवगत कराया, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। पानी के लिए उपयोग किए जा रहे वाटर कूलर की सफाई, साइकिल स्टैंड की अव्यवस्था, और शुल्कों की मनमानी से छात्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। कॉलेज में अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन
शुल्क वसूली में अनियमितता
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि मनमाना शुल्क लिया जा रहा है और मुफ्त सेवाओं पर भी शुल्क वसूला जा रहा है। जब छात्रों ने इस पर सवाल उठाया, तो प्राचार्य ने यह कहकर मामला टाल दिया कि यह जेब खर्च लेने की प्रथा है। कॉलेज में अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन
मानसिक प्रताड़ना: छात्रों की आवाज
छात्रों ने यह भी बताया कि उन्हें अतिथि व्याख्याताओं और क्रीड़ा सहायक द्वारा किए गए मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ कोई संरक्षण नहीं मिला। इसकी वजह से छात्रों के बीच भय का माहौल बन गया है, जो उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। कॉलेज में अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन
अधिकारियों को ज्ञापन: समाधान की मांग
जब छात्रों ने अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन किया, तब पता चला कि प्रभारी प्राचार्य उपस्थित नहीं थीं। छात्रों ने तहसीलदार, अतिरिक्त प्रभारी प्राचार्य अरुण साहू, और थाना प्रभारी को अपनी पीड़ा ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। कॉलेज में अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन



















