जब रक्षक ही असुरक्षित! कांकेर में चोरों के हौसले बुलंद, थाने के अंदर से उड़ाया हेड कांस्टेबल का लैपटॉप

जब रक्षक ही असुरक्षित! कांकेर में चोरों के हौसले बुलंद, थाने के अंदर से उड़ाया हेड कांस्टेबल का लैपटॉप
कांकेर: जब रक्षक ही असुरक्षित! कांकेर में चोरों के हौसले बुलंद,, “पुलिस का इकबाल बुलंद है”… यह जुमला अब कांकेर जिले में खोखला साबित हो रहा है। यहां चोरों ने पुलिस को ही सीधी चुनौती दे डाली है और वो भी उनके सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ठिकाने यानी ‘थाने’ के अंदर। भानुप्रतापपुर थाने के भीतर से एक हेड कांस्टेबल का लैपटॉप चोरी होने की घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
थाने के अंदर कैसे हुई इतनी बड़ी चोरी?
यह हैरान करने वाली घटना 3 जुलाई की रात की है।जब रक्षक ही असुरक्षित! कांकेर में चोरों के हौसले बुलंद,
क्या हुआ था: भानुप्रतापपुर थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल नरोत्तम सिंह लाठियां रात 9:30 बजे अपना लैपटॉप और प्रिंटर टेबल की दराज में रखकर घर चले गए।
सुबह मिला झटका: जब वह अगली सुबह 8:45 पर थाने लौटे, तो उन्होंने देखा कि दराज का ताला खुला था और लैपटॉप गायब था।
सुरक्षा की खुली पोल: एक थाने के अंदर से, जहां 24 घंटे पुलिस की मौजूदगी रहती है, वहां से चोरी हो जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से पोल खोलता है।
शक की सुई ‘अंदर’ वाले पर, CCTV खंगाल रही पुलिस
इस बेहद शर्मनाक घटना के बाद पुलिस अधिकारी तुरंत हरकत में आए।जब रक्षक ही असुरक्षित! कांकेर में चोरों के हौसले बुलंद,
CCTV की जांच: थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक जांच में कोई भी बाहरी व्यक्ति परिसर में आता-जाता नहीं दिखा है।
‘घर का भेदी’ तो नहीं? पुलिस को शक है कि इस चोरी के पीछे किसी विभागीय व्यक्ति का ही हाथ हो सकता है, जिसे थाने की हर गतिविधि और हर कोने की जानकारी थी।
पहले मंदिर, अब थाना: चोरों के सामने पुलिस बेबस?
यह घटना इसलिए भी ज्यादा गंभीर है क्योंकि कुछ ही दिन पहले इसी इलाके में चोरों ने एक बड़े मंदिर को भी निशाना बनाया था और पुलिस अब तक खाली हाथ है।जब रक्षक ही असुरक्षित! कांकेर में चोरों के हौसले बुलंद,
मंदिर में हुई थी चोरी: 28 जून को भानुप्रतापपुर के प्रसिद्ध श्रीराम जानकी मंदिर में चोरों ने दानपेटी का ताला तोड़कर लगभग 70-80 हजार रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया था। यह दानपेटी एक साल से नहीं खुली थी।
पुलिस की नाकामी: मंदिर चोरी के मामले में पुलिस अब तक कोई सुराग नहीं जुटा पाई है और अब खुद थाने में चोरी हो जाने से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है।
यह घटनाएं इलाके में पुलिस के प्रति अविश्वास और डर का माहौल पैदा कर रही हैं। आम जनता अब यह सोचने पर मजबूर है कि जब पुलिस अपना थाना और भगवान का घर ही चोरों से नहीं बचा पा रही, तो आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?जब रक्षक ही असुरक्षित! कांकेर में चोरों के हौसले बुलंद,



















